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शिक्षकों के वेतन जारी नहीं हो रहे, सरकार को फर्क नहीं तो रिटायरमेंट एज से कैसे: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:32 AM IST
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों की रिटायरमेंट एज मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि जब इन शिक्षकों के वेतन जारी नहीं हो रहे, उससे पंजाब सरकार को फर्क नहीं पड़ता तो आखिर उनकी रिटायरमेंट एज बढ़ने से सरकार को कैसे फर्क पड़ रहा है। हाईकोर्ट की ओर से पूछे गए इस सवाल पर पंजाब सरकार को 17 मई तक जवाब दाखिल करना होगा।
मामला पीयू के प्रोफेसरों की रिटायरमेंट एज 60 से बढ़ा कर 65 साल किए जाने की अपील से जुड़ा है। इस मामले में पंजाब सरकार ने इससे पूर्व सीधे तौर पर रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
केंद्र सरकार ने भी पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी न मानकर इसके शिक्षकों पर केंद्रीय यूनिवर्सिटी के नियम न लागू होने की बात कहते हुए रिटायरमेंट एज 65 वर्ष करने से इनकार कर दिया था।
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मामला पीयू के प्रोफेसरों की रिटायरमेंट एज 60 से बढ़ा कर 65 साल किए जाने की अपील से जुड़ा है। इस मामले में पंजाब सरकार ने इससे पूर्व सीधे तौर पर रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
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केंद्र सरकार ने भी पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी न मानकर इसके शिक्षकों पर केंद्रीय यूनिवर्सिटी के नियम न लागू होने की बात कहते हुए रिटायरमेंट एज 65 वर्ष करने से इनकार कर दिया था।
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पंजाब सरकार पीयू के प्रोफेसरों की रिटायरमेंट एज मामले में पक्ष स्पष्ट करे
Panjab University
- फोटो : amar ujala
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 50 से अधिक प्रोफेसरों की ओर से दायर रिटायरमेंट एज 60 बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने से संबंधित याचिका को खारिज कर दिया था और 60 की आयु पार कर चुके सभी प्रोफेसरों को तत्काल सेवानिवृत्त किए जाने के आदेश दे दिए थे।
इसके खिलाफ इन प्रोफेसरों की हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की थी और डबल बेंच ने अपील पर सुनवाई करते हुए सिंगल जज के आदेश पर रोक लगा दी थी और प्रोफेसरों की नियुक्ति को री-इंप्लॉयमेंट मानते हुए इन्हें वेतन जारी किए जाने के अंतरिम निर्देश दिए थे। सोमवार को याचिकाकर्ताओं कि ओर से सीनियर एडवोकेट पुनीत जिंदल ने हाईकोर्ट को बताया कि यह प्रोफेसर किसी भी नियम के तहत पंजाब सरकार के अधीन नहीं हैं।
ऐसे में अगर इन प्रोफेसरों की रिटायरमेंट एज बढ़ा कर 65 वर्ष की जाती है तो इसे पंजाब सरकार को कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। बावजूद इसके पहले जो पंजाब सरकार ने इन प्रोफेसरों की रिटारमेंट एज बढ़ाए जाने से जो इनकार किया है, उस पर सरकार को दोबारा सोचना चाहिए ।
इसके खिलाफ इन प्रोफेसरों की हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की थी और डबल बेंच ने अपील पर सुनवाई करते हुए सिंगल जज के आदेश पर रोक लगा दी थी और प्रोफेसरों की नियुक्ति को री-इंप्लॉयमेंट मानते हुए इन्हें वेतन जारी किए जाने के अंतरिम निर्देश दिए थे। सोमवार को याचिकाकर्ताओं कि ओर से सीनियर एडवोकेट पुनीत जिंदल ने हाईकोर्ट को बताया कि यह प्रोफेसर किसी भी नियम के तहत पंजाब सरकार के अधीन नहीं हैं।
ऐसे में अगर इन प्रोफेसरों की रिटायरमेंट एज बढ़ा कर 65 वर्ष की जाती है तो इसे पंजाब सरकार को कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। बावजूद इसके पहले जो पंजाब सरकार ने इन प्रोफेसरों की रिटारमेंट एज बढ़ाए जाने से जो इनकार किया है, उस पर सरकार को दोबारा सोचना चाहिए ।