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सीपीएस मामले में कानून बनाना विधानसभा नहीं, संसद का अधिकार: हाईकोर्ट

Wed, 29 Mar 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 29 Mar 2017 09:21 AM IST
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Punjab and haryana highcourt, Petition challenging appointment of CPS
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
हरियाणा में सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान सामने नहीं रखा गया, जिसके तहत सीपीएस की नियुक्ति की गई हो।
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कानून बनाकर सीपीएस की नियुक्ति को वैध करने की बात पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। कहा कि ऐसा कानून बनाना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं, बल्कि यह संसद का अधिकार है। हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर ऐसा कौन सा कानूनी अधिकार था, जिसका तहत सीपीएस की नियुक्ति की गई है। जवाब के लिए राज्य सरकार की ओर से समय दिए जाने की अपील पर हाईकोर्ट ने सुनवाई को बुधवार तक के लिए टाल दिया। 
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मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि आखिर कौन से कानूनी अधिकार से सीपीएस की नियुक्ति की गई है। हरियाणा सरकार तथा सीपीएस की ओर से मौजूद वकील ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित पंजाब सरकार की अपील का हवाला दिया। कहा कि उस अपील में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न पंजाब के सीपीएस की नियुक्तियों को खारिज करने वाले आदेशों पर रोक लगा दी जाए। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है। ऐसे में यह फैसला अभी भी कायम है। ऐसे में क्यों न सीपीएस के सारे वित्तीय लाभ रोक दिए जाएं। हरियाणा सरकार तथा सीपीएस के वकील ने इसका विरोध करते हुए अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। 
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मामले में याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि हरियाणा सरकार ने चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेेटरी का पद मनमर्जी से सृजित किया है। इस पद को सृजित करने से इन विधायकों को विशेष दर्जा दिया गया है, जिसके लिए इन्हें जनता की गाढ़ी कमाई से भुगतान किया जाता है। याची पक्ष की ओर से पंजाब के सीपीएस की नियुक्ति खारिज करने के फैसले को आधार बनाते हुए हरियाणा के सीपीएस की नियुक्ति भी खारिज करने की अपील की गई है।
 

सीपीएस की नियुक्ति के लिए अगले सत्र में आएगा बिल

Punjab and haryana highcourt, Petition challenging appointment of CPS
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति  के लिए विधानसभा के अगले सत्र में बिल लाया जाएगा। इससे पहले सभी कानूनी पहलुओं पर विचार होगा। विधानसभा परिसर में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सीपीएस नियुक्त करना जरूरी है। 

बादल पिता-पुत्र की ओर से इसके विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि बादल सरकार ने ही सीपीएस बनाए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने हटा दिए। अब कांग्रेस नियुक्त कर रही है तो इन्हें क्यों तकलीफ हो रही है। बादल सरकार के कार्यकाल में तीस ओएसडी  (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) थे, उन्होंने तो सिर्फ नौ ही नियुक्त किए हैं। 
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