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पूर्व सैनिक का आश्रित प्राइवेट जॉब करता है तो वह कोटे का हकदार क्यों नहीं: हाईकोर्ट

Tue, 27 Dec 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 27 Dec 2016 10:33 PM IST
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punjab and haryana highcourt decision on ex army
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
स्कूल लैक्चरर के पद के लिए हरियाणा सरकार की ओर से साल 1995 में आरंभ की गई भर्ती को चुनौती देते हुए दाखिल की गई याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और एजुकेशन विभाग को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों से पूछा है कि पूर्व सैनिक का आश्रित यदि प्राइवेट नौकरी करता है तो कैसे वह पूर्व सैनिक आश्रित कोटे का लाभ पाले के लिए अयोग्य है। मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी। 
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मामले में एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए रोहतक निवासी राज कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा सरकार ने साल 1995 में 253 स्कूल लेक्चरर की नियुक्ति निकाली थी। इस नियुक्ति में एक्स सर्विसमैन कोटा के पद भी शामिल थे। इन पदों पर उपयुक्त उम्मीदवार न मिलने पर इन्हें एक्स सर्विसमैन के आश्रितों के लिए रखा गया था। याची ने बताया कि उसने हिंदी लेक्चरर पद के लिए आवेदन किया था। आवेदन के बाद आगे की प्रक्रिया हुई और हर स्तर पर याची ने खुद को साबित किया और अंत में चयनित लोगों की सूची में याची का नाम आ गया।
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इसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से योग्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, जिसमें याची को अयोग्य करार दे दिया गया। सरकार की ओर से दलील दी गई कि याची प्राईवेट स्कूल में नौकरी करता है। इसलिए अब आश्रितों की श्रेणी से बाहर हो गया है। याची की ओर से एडवोकेट विकास चतरथ ने कोर्ट को बताया कि इस निर्णय को पहले सिंगल बेंच के सामने चुनौती दी गई थी और सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच ने सभी पक्षों पर गौर नहीं किया। इसलिए इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई है। 
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डीवीजन बेंच को जानकारी देते हुए बताया गया कि याची की नौकरी पूरी तरह से प्राइवेट और अनिश्चित है। ऐसे में इस नौकरी को सरकारी नौकारी के रास्ते का बाधक नहीं माना जा सकता है। यह भी कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए नियुक्ति के सभी मानकों पर वे खरे उतरते हैं। ऐसे में याची को यह लाभ दिया जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हरियाणा सरकार, एजुकेशन विभाग और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब तलब किया है। 
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