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हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार का मामला: हाईकोर्ट पहले सीलबंद रिपोर्ट का करेगा अध्ययन, 18 नवंबर तक सुनवाई स्थगित
Tue, 26 Oct 2021 11:18 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 26 Oct 2021 11:18 PM IST
सार
पंजाब सरकार ने हजारों करोड़ के ड्रग्स कारोबार से जुड़ी डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की सीलबंद रिपोर्ट को खोलने की अपील पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से की थी। मंगलवार को इस मामले में आधा घंटा सुनवाई हुई। अब हाईकोर्ट पहले इन रिपोर्टों का अध्ययन करेगा। इसके बाद मामले में सुनवाई होगी।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले में राज्य सरकार द्वारा डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की सीलबंद रिपोर्ट को खोलने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में करीब आधा घंटा सुनवाई हुई। खंडपीठ ने कहा कि मामले में लंबे समय से सुनवाई नहीं हुई थी ऐसे में खंडपीठ पहले इन रिपोर्ट का अध्ययन करेगी, इसके बाद मामले में सुनवाई होगी।
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पंजाब सरकार ने अर्जी में कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश पर ही डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने तत्कालीन एसएसपी राजजीत सिंह, इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह और अन्य अधिकारियों की जांच की थी। इस रिपोर्ट को खोला जाए ताकि पंजाब सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सके। मई 2018 को पंजाब के ड्रग माफिया और पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया के बीच के रिश्तों की जांच कर एसटीएफ ने हाईकोर्ट में जो सीलबंद रिपोर्ट पेश की थी, उसे खोलने की एडवोकेट नवकिरण पहले ही मांग कर चुके हैं।
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मंगलवार को सुनवाई आरंभ होते ही पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने अपनी अर्जी के समर्थन में दलीलें दीं। करीब आधा घंटा चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोरोना के चलते इस केस पर काफी लंबे अरसे बाद सुनवाई आरंभ हुई है। इस मामले में कई सीलबंद रिपोर्ट को खोलने की मांग की गई है। ऐसे में खंडपीठ को पहले इन रिपोर्ट का अध्ययन करना होगा ताकि इस मामले को सिरे चढ़ाया जा सके। हाईकोर्ट ने सुनवाई को 18 नवंबर तक स्थगित करते हुए रजिस्ट्रार जुडीशियल को आदेश दिया कि वह इन सभी रिपोर्ट को चैंबर में उपलब्ध करवाएं। अगली तारीख से पहले खंडपीठ इन का अध्ययन करेगी और उसके बाद इन पर सुनवाई होगी।
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