Chandigarh: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को मिले 10 न्यायाधीश, पहली बार हाईकोर्ट में जजों की संख्या 66 पहुंची
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम तीन जजों का पैनल हाईकोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति के लिए सिफारिश करता है। इसके बाद इनकी नियुक्ति के लिए सिफारिश के तौर पर राष्ट्रपति को नाम भेजे जाते हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पांच महिला न्यायाधीश समेत 10 जजों की नियुक्ति की मंजूरी दे दी। दो नवंबर मंगलवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा नए जजों को पद की शपथ दिलवाएंगे। इसके साथ ही इतिहास में दो रिकॉर्ड दर्ज हो जाएंगे। पहला, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या 66 हो जाएगी। हाईकोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि जजों की संख्या का आंकड़ा 60 को पार किया हो। इसके साथ ही दूसरा रिकॉर्ड यह होगा कि हाईकोर्ट में महिला जजों की संख्या 13 पहुंच जाएगी। इससे पहले कभी इतनी महिला जज एक साथ नहीं रही हैं।
राष्ट्रपति ने जिन 10 लोगों के नाम को हाईकोर्ट जज के तौर पर नियुक्ति का आदेश दिया है, उनमें 9 सेशन जज हैं। इन्हें प्रमोशन दिया गया है। प्रमोशन पाने वालों में गुरबीर सिंह, दीपक गुप्ता, अमरजोत भट्टी, मनीषा बत्रा, हरप्रीत कौर जीवन, सुखविंदर कौर, संजीव बेरी, विक्रम अग्रवाल और ऋतु टैगोर का नाम शामिल है। इनके अलावा एक एडवोकेट कुलदीप तिवारी को भी एलोवेट कर जज बनाया गया है। इन सभी के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने राष्ट्रपति को भेजी थी। सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर इनकी नियुक्ति की गई है। यह नियुक्ति दो वर्ष के प्रोबेशन के बाद नियमित हो जाएगी।
बराड़ के नाम पर मुहर नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट हरप्रीत सिंह बराड़ की नियुक्ति की भी सिफारिश की थी लेकिन उनके नाम पर राष्ट्रपति ने फिलहाल मुहर नहीं लगाई है।
19 पद अभी भी खाली
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस समय जजों के 85 स्वीकृत पद हैं और इस समय 56 जज कार्यरत हैं। बुधवार को शपथ ग्रहण के साथ ही जजों की संख्या 66 हो जाएगी। इसके बावजूद 19 पद खाली रह जाएंगे। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड के अनुसार इस समय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में 4 लाख 49 हजार से अधिक केस पेंडिंग हैं, जिनमें 2 लाख 81 हजार से ज्यादा सिविल हैं और 1 लाख 67 हजार से ज्यादा क्रिमिनल केस हैं।