Punjab News: हाईकोर्ट ने कहा- एसएसओसी में भ्रष्टाचार का बोलबाला, आखिर क्यों गठित किया गया था इसे?
हाईकोर्ट ने पूछा कि इस जांच की निगरानी के लिए जिम्मेदार कौन है तो अदालत को बताया गया कि एआईजी निगरानी कर रहे हैं। इस पर पूछा गया कि एआईजी को निलंबित करने का अधिकार किसके पास है। कोर्ट को बताया गया कि एसएसओसी के डायरेक्टर जनरल इसके लिए उपयुक्त अथॉरिटी हैं।
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जेलों में नशे के कारोबार की जांच में कोताही पर स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस सेल में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जेल स्टाफ और तस्करों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे ही जांच करनी थी तो हर जिले में थाना है, आखिर क्यों इसे गठित किया गया था। इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने अब एसएसओसी के डायरेक्टर जनरल को तलब कर लिया है।
गुरुवार को जेल में नशा तस्करी की आरोपी महिला की जमानत याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए जेलों में नशे को लेकर एडीजीपी जेल को तलब कर लिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि जेल में नशा तस्करी करने वाले जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था क्या उनसे जेल अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर कोई जानकारी मिली। गोल-मोल जवाब मिलने के बाद कोर्ट को बताया गया कि जेल अधिकारियों को लेकर उनसे एक भी सवाल नहीं किया गया।
इस पर हैरानी जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि एसएसओसी जेल अधिकारियों व नशा तस्करी के सरगनाओं को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहा है। इस कोताही पर हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को फटकार लगाई और पूछा कि जांच की निगरानी कौन कर रहा है। अधिकारी के कोर्ट के बाहर मौजूद होने की बात कही गई तो कोर्ट ने उन्हें बुलाने को कहा। इस पर कोर्ट को बताया कि वे अभी मौजूद नहीं हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि इसी रवैए के कारण अदालतें मामलों का समय पर निपटारा नहीं कर पातीं। हाईकोर्ट ने कहा कि हमें पता है अधिकारियों को कैसे सुधारना है।
एआईजी को कौन कर सकता है निलंबित
हाईकोर्ट ने पूछा कि इस जांच की निगरानी के लिए जिम्मेदार कौन है तो अदालत को बताया गया कि एआईजी निगरानी कर रहे हैं। इस पर पूछा गया कि एआईजी को निलंबित करने का अधिकार किसके पास है। कोर्ट को बताया गया कि एसएसओसी के डायरेक्टर जनरल इसके लिए उपयुक्त अथॉरिटी हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब एसएसओसी के डायरेक्टर जनरल को तलब कर लिया है।
जेल से एक ही नंबर से 38850 कॉल
एडीजीपी जेल की ओर से कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में पाया गया कि फाजिल्का जेल में मौजूद एक नंबर से 38850 कॉल की गई हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि तस्कर मोबाइल खुलेआम लेकर घूम रहे हैं तो तस्करी कैसे रोकी जा सकती है। कोर्ट ने कड़े लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि जेल अधिकारी तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
पंजाब में हर परिवार के एक सदस्य की नशे से मौत
हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब में नशा लगभग हर परिवार से एक व्यक्ति की जान ले चुका है। राजस्थान में एक ग्राम हेरोइन तीन हजार रुपये की मिलती है जो अन्य नशीली सामग्री मिलाकर पांच ग्राम हो जाती है और 15 हजार रुपये प्रतिग्राम के हिसाब से पंजाब में बिकती है। यह पैसा कमाने का सबसे तेज तरीका है और इसीलिए सरकार नशा तस्करी पर लगाम नहीं लगा पा रही है।
चार वर्तमान व तीन रिटायर्ड जेल अधीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश
हाईकोर्ट को बताया गया कि फिरोजपुर जेल के वर्तमान अधीक्षक सतनाम सिंह, इससे पहले जेल अधीक्षक रह चुके अरविंदर पाल सिंह भट्टी, गुरनाम लाल व वर्तमान में जेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल परविंदर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई है। इसके अतिरिक्त रिटायर हो चुके तीन जेल अधीक्षक बलजीत सिंह वैध, कर्मजीत सिंह संधू व सुरेंद्र सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।