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Punjab: अमृतपाल समर्थकों को हाईकोर्ट ने लगाई जमकर फटकार, याचिका दाखिल करने पर मांगा ये जवाब
Thu, 06 Apr 2023 10:02 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 06 Apr 2023 10:02 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील को भी फटकार लगाई और कहा कि वह इस प्रकार की 10 से अधिक याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं और अभी तक इनकी वैधता को लेकर कोई ठोस दलील नहीं दे पाए हैं।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमृतपाल सिंह के समर्थकों की रिहाई के लिए लगातार दाखिल होती बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि कैसे उन लोगों की रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वैध है जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
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गुरुवार को अमृतपाल के समर्थक बगवंत सिंह उर्फ प्रधानमंत्री व अन्य की रिहाई के लिए याचिकाएं हाईकोर्ट के समक्ष पहुंची थीं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याची के वकील से कहा कि सबसे पहला सवाल इस याचिका की वैधता पर उठता है। जिस व्यक्ति को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पुलिस ने जेल में रखा है उसकी हिरासत को अवैध बताते हुए उसे कोर्ट में पेश करने से जुड़ी याचिका कैसे दाखिल की जा सकती है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील को भी फटकार लगाई और कहा कि वह इस प्रकार की 10 से अधिक याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं और अभी तक इनकी वैधता को लेकर कोई ठोस दलील नहीं दे पाए हैं।
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असम के डिब्रूगढ़ की जेल के अधीक्षक को प्रतिवादी बनाने की मांग पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि कैसे उनके खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है जबकि यह इस हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता है। याचिका या तो असम में वैध है या फिर सुप्रीम कोर्ट में ऐसे में अब याचिकाकर्ताओं के वकील को इन सभी सवालों को लेकर अगली सुनवाई पर जवाब देना होगा।
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