ड्रग कारोबार संबंधी आदेश पर सुस्ती पंजाब डीजीपी को पड़ी भारी, हाईकोर्ट ने किया तलब
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पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए हाईकोर्ट द्वारा दिए 25 निर्देशों का पालन न करना पंजाब के डीजीपी को भारी पड़ गया। इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डीजीपी को अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर हो जवाब देने के आदेश दिए हैं।
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि हाईकोर्ट ने जनवरी में नशे के कारोबार रोकने के लिए जो 25 निर्देश जारी किए थे, इन निर्देशों में से कई को लागू करवाने में दिक्कत आ रही हैं।
इस पर हाईकोर्ट ने एसटीएफ के मुखिया एडीजीपी बीएस सिद्धू को हाईकोर्ट तलब कर लिया था। मंगलवार को एडीजीपी सिद्धू हाईकोर्ट में पेश हुए और बताया कि स्टाफ की कमी है। जेल विभाग में फिलहाल 500 कर्मचारी हैं जबकि 1000 और कर्मचारियों की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि कोर्ट के 70 प्रतिशत निर्देशों को लागू किया जा चूका है लेकिन स्टाफ की कमी के कारण कुछ आदेशों पर कार्रवाई अभी नहीं की जा सकी है। उनके जवाब से हाईकोर्ट ने असंतुष्टि जताते हुए अब 29 अगस्त को पंजाब के डीजीपी को हाईकोर्ट में पेश होकर जवाब दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।
यह थे हाईकोर्ट के आदेश
हाईकोर्ट ने जनवरी में पंजाब सरकार ये आदेश दिए थे। इनमें ड्रग रैकेट की जांच कर रही एसटीएफ को पुनर्गठित करने, जहां सबसे ज्यादा नशा बेचने की शिकायतें मिलती हैं उन स्थानों की पहचान करने, नाबालिगों को ड्रग्स जैसे नशे से हर हाल में दूर रखने के प्रयास, होटल, रेस्टोरेंट्स और बार में नाबालिगों को शराब न मिले, यह सुनिश्चित करने, स्कूलों के बाहर सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों की तैनाती, स्कूलों में नशे के दुष्प्रभाव के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए उसे स्कूलों के पाठ्यक्रम में इसे शामिल करने, जेलों में नशे पर निगाह के लिए स्निफर डॉग्स की तैनाती, गिरफ्तार अपराधियों का मेडिकल चेकअप और उसका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड मेनटेन करने, छह महीने के भीतर हर जिले में रिहैबिलिटेशन केंद्र बनाने, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, ओपियम एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के केसों में अगर पुलिस जरूरत समझे तो आरोपी की संपत्ति अटैच करने जैसे कुल 25 निर्देश दिए थे।
नशा तस्करी का झूठा केस दर्ज किया, चार पुलिसकर्मी सस्पेंड
उधर, बठिंडा में एक व्यक्ति पर नशा तस्करी का झूठा केस दर्ज करने के आरोप में एसएसपी नानक सिंह ने सीआईए स्टाफ वन के इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह भाटी, एएसआई रवि, कांस्टेबल कुलविंदर सिंह और टेक्निकल सेल के कांस्टेबल गुरपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
एसएसपी ने बताया कि कुलदीप सिंह पर कुछ दिन पहले सीआईए स्टाफ वन ने नशा तस्करी का केस दर्ज किया था। उसने उनके पास शिकायत की कि चार पुलिसकर्मियों ने साजिश के तहत उस पर नशा तस्करी का झूठा केस दर्ज किया है। मामले की जांच करवाई गई तो कुलदीप सिंह के आरोप सही पाए गए। प्राथमिक जांच के बाद तुरंत प्रभाव से उन्होंने चारों को सस्पेंड कर दिया गया।