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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and Haryana High Court issues notice to UT Administration

हाईकोर्ट में यूटी प्रशासन ने कहा- निजी स्कूल बही खातों के साथ आएं, उनको सुना जाएगा

Wed, 13 May 2020 09:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 May 2020 09:37 PM IST
सार

  • स्कलों के खुलने तक फीस वसूली न करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर यूटी की दो टूक
  •  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

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Punjab and Haryana High Court issues notice to UT Administration
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अभिभावकों से फीस वसूल करने पर रोक के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि सुनवाई पर यूटी प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि स्कूल अपने बही खाते लेकर उसके पास आते हैं तो वह उनको सुनने के लिए तैयार है।

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चंडीगढ़ की इंडेपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि यूटी प्रशासन ने स्कूलों के खुलने तक अभिभावकों से फीस वसूल करने पर रोक लगाई है। एसोसिएशन ने कहा कि प्रशासन के आदेश के अनुसार स्कूल के खुलने के बाद भी अभिभावकों को फीस जमा कराने के लिए 1 माह की मोहलत देनी होगी। 
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उसने दलील दी कि स्कूलों के शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ को वेतन देने के साथ ही अन्य खर्च होते हैं। जिनके लिए फीस ही इकलौता माध्यम होता है। यदि फीस वसूल करने की अनुमति नहीं दी गई तो स्कूल के स्टाफ को वेतन कैसे दिया जा सकेगा तथा स्कूल का रखरखाव कैसे होगा।  
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याची पक्ष की दलीलों पर यूटी प्रशासन के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल पंकज जैन ने कहा कि प्रशासन हमेशा से स्कूलों का पक्ष सुनने को तैयार है लेकिन पंजाब फीस रेगुलेशन एक्ट के अनुसार स्कूलों को अपना बहीखाता लेकर आना होगा। साथ ही यह भी कहा कि कई अभिभावक फीस जमा करवा चुके हैं, तथा कुछ के ऐसे हालात नहीं है कि वे फीस जमा करवा सकें।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने अपनी याचिका में भी यह नहीं बताया है कि उन्होंने अपने स्टाफ को वेतन दिया है या नहीं। यदि स्कूल घाटे में चल रहे हैं तो वह इसका ब्योरा लेकर प्रशासन के पास आएं और प्रशासन उनको सुनने के बाद आवश्यक निर्णय लेगा।

एसोसिएशन ने खराब आर्थिक स्थिति से जुड़ा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया

एडवोकेट जैन ने कहा कि याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने अपनी याचिका में भी खराब आर्थिक स्थिति से जुड़ा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया है। प्रशासन ने फीस माफ करने का आदेश नहीं दिया है बल्कि अभिभावकों को राहत देने के लिए स्कूल खुलने तक वसूली न करने का आदेश दिया है। स्कूल खुलने के बाद अभिभावकों से 1 माह के अंदर फीस की वसूली की जा सकती है। ऐसे में आदेश के खिलाफ इस याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। 

स्कूलों का पक्ष सुने प्रशासन
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यूटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है और इसके साथ ही प्रशासन को कहा है कि वह स्कूलों को सुने और यदि आवश्यक हो तो इसके संबंध में निर्णय लिया जाए अन्यथा अगली सुनवाई पर प्रशासन का पक्ष रखा जाए।

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