{"_id":"6167ee796e14ea28213b1b3e","slug":"punjab-and-haryana-high-court-issues-notice-to-punjab-government-and-cbi","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व भाजपा नेता के बेटे की हत्या का मामला: पंजाब सरकार व सीबीआई को हाईकोर्ट का नोटिस, पुलिस को सौंपनी पड़ेगी स्टेटस रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व भाजपा नेता के बेटे की हत्या का मामला: पंजाब सरकार व सीबीआई को हाईकोर्ट का नोटिस, पुलिस को सौंपनी पड़ेगी स्टेटस रिपोर्ट
Thu, 14 Oct 2021 02:21 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 14 Oct 2021 02:21 PM IST
सार
भाजपा के पूर्व नेता स्वर्गीय थुरु राम कटाल के बेटे विशाल का 17 जनवरी 2020 को अपहरण कर लिया गया था और चार फरवरी 2020 को हत्या कर दी गई थी। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा के पास विशाल का शव मिला था।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक 26 वर्षीय युवक की मौत की सीबीआई जांच की मांग पर पंजाब सरकार व सीबीआइ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मृतक के बड़े भाई विनय कटाल की याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के जज सुदीप अहलूवालिया ने यह नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को 17 नवंबर तक मामले की जांच के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया। भाजपा के पूर्व नेता स्वर्गीय थुरु राम कटाल के बेटे विशाल पिछले साल फरवरी में पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा के पास मृत मिले थे। वह लंबे समय से लापता थे और भाई विनय से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण चोट को बताया गया था। याचिका में पंजाब के पठानकोट जिले के फूलपुर गांव के रहने वाले 30 वर्षीय विनय ने अपने भाई के अपहरण और हत्या से संबंधित मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को स्थानांतरित करने का निर्देश देने की मांग की है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के अनुसार उसके भाई का 17 जनवरी, 2020 को अपहरण कर लिया गया था और 4 फरवरी, 2020 को उसकी हत्या कर दी गई थी लेकिन पठानकोट पुलिस ने मामले की ठीक से जांच नहीं की है। याचिकाकर्ता ने बताया कि उनके द्वारा की गई जांच की स्थिति के संबंध में उन्होंने कई बार एसएसपी पठानकोट से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया है लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। आज तक की जांच से यह स्पष्ट है कि पुलिस अपना कर्तव्य कुशलता से नहीं निभा रही है और ऐसे गंभीर अपराध के प्रति लापरवाह रवैया अपना रही है।