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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and Haryana High Court issues notice to Haryana Government and HSSC

हरियाणा: एक पेपर सेट में यमुना की दिशा उत्तर, दूसरे में पूर्व और तीसरे में दक्षिण बताया, सरकार व आयोग को नोटिस

Wed, 18 Aug 2021 12:53 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 18 Aug 2021 12:53 AM IST
सार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इन खामियों पर हरियाणा सरकार तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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Punjab and Haryana High Court issues notice to Haryana Government and HSSC
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्लर्क भर्ती परीक्षा में एक ही प्रश्न के लिए अलग-अलग सेट में उत्तर कुंजी में खामियों के चलते जवाब बदल रहे हैं। आलम यह है कि यमुना नदी की दिशा के सवाल का आयोग ने आंसर-की में अलग जवाब दिया। आयोग ने एक सेट में नदी की दिशा पूर्व, दूसरे में उत्तर और तीसरे में दक्षिण को सही करार दिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन खामियों पर हरियाणा सरकार तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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करनाल निवासी अमित कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए क्लर्क भर्ती के सितंबर 2020 में जारी परिणाम को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची ने कहा कि आयोग भर्ती परीक्षा को लेकर गंभीर नहीं है जिसका खामियाजा आवेदकों को भुगतना पड़ रहा है। हर बार उत्तर कुंजी में खामियां सामने आ रही हैं और एक ही सवाल के अलग-अलग पेपर सेट में अलग-अलग उत्तरों को सही करार दिया जा रहा है। 
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याची ने बताया कि भर्ती परीक्षा में सवाल पूछा गया कि हरियाणा में यमुना किस दिशा में बहती है। एक सेट में जवाब पूर्व, दूसरे में उत्तर तथा अन्य में दक्षिण को सही जवाब बताकर अंक दिए गए हैं। एक अन्य मामले में हाईकोर्ट आयोग को आदेश दे चुका है कि इस प्रकार की खामी के लिए जिम्मेदार लोगों को तुरंत हटाया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिसके कारण इस तरह की खामियां सामने आ रहीं हैं। 
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याची ने हाईकोर्ट को बताया कि क्लर्क भर्ती परिणाम में तीन ऐसे सवाल हैं जिनको उत्तर कुंजी को ठीक कर दोबारा परिणाम जारी किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याची की इस मांग पर हरियाणा सरकार व आयोग को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में उर्दू से भेदभाव
हरियाणा लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा में उर्दू को विषय के तौर पर शामिल न करने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
मेवात निवासी मोहम्मद इमरान ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि संविधान आठवीं अनुसूची के तहत उर्दू को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा देता है। इसके बावजूद प्रतियोगी परीक्षा में इसे वैकल्पिक विषय के रूप में मान्यता न देना इससे भेदभाव है। 


कई राज्यों में उर्दू मुख्य रूप से बोली जाती है और उर्दू बोलने वालों की देश में सवा 6 करोड़ से अधिक संख्या है। संघ लोक सेवा आयोग में उर्दू विषय के रूप में शामिल है। एचसीएस परीक्षा के लिए मुख्य परीक्षा के विषयों की सूची में उर्दू को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने के निर्देश देने की मांग की है। याची ने कहा कि वह उर्दू में पारंगत हैं और इसलिए वह वैकल्पिक विषय के रूप में उर्दू ले सकते हैं।

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