जब मैं जेल में मिला था तो राम रहीम ने किसी उत्पीड़न की नहीं की थी शिकायत: हाईकोर्ट जज
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जेल में गुरमीत राम रहीम पर अत्याचार होने और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाने के संबंधी याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनारिया जेल में पिछले एक साल में रिकवर हथियार व मोबाइल फोन का ब्योरा और गैंगवार की घटनाओं की जानकारी तलब कर ली है। जज ने कहा कि जब वह जेल दौरे पर गए थे तो राम रहीम ने कोई ऐसी शिकायत नहीं की और अब इस तरह की याचिका का क्या औचित्य है।
डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल के डॉक्टर मोहित गुप्ता ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सुनारिया जेल में राम रहीम की जान को खतरा है। याची ने राम रहीम को कोर्ट में पेश करने तथा उनकी सुरक्षा की मांग की थी। याची ने आरोप लगाया था कि जेल नियमों के तहत उनको फोन करने की सुविधा भी नहीं दी जा रही।
जेल में राम रहीम को शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। याचिका में बताया गया कि यह जेल सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन पिछले एक साल में वहां दर्जनों गैंगवार, फोन मिलने की घटनाएं हुई हैं। राम रहीम को जेल में बड़े अपराधियों के साथ रखा गया है जो उनके लिए खतरे से कम नहीं है।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान डेरा प्रमुख की तरफ से एक वकील ने पेश होकर कोर्ट को बताया कि इस याचिका का डेरा प्रमुख से कोई संबंध नहीं है और जो आरोप लगाए गए हैं उनमें डेरा प्रमुख की कोई सहमति नहीं है।
यह याचिका केवल पब्लिसिटी के लिए दायर की गई है। याचिकाकर्ता को डेरा प्रमुख या उनके परिवार से कोई कोई संबंध नहीं है। याचिका खारिज कर दी जाए। हाईकोर्ट ने सुनारिया जेल सुपरिंटेंडेंट को आदेश दिया कि वो एक हलफनामा देकर कोर्ट को बताएं कि पिछले एक साल में जेल में कितने हथियारों व मोबाइल की रिकवरी हुई है व जेल में गैंगवार की कितनी घटनाएं हुई हैं।