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पिछली तारीख से ऊंचा पद मिलना उस अवधि के वेतन पर दावे का अधिकार नहीं देताः हाईकोर्ट
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 25 Nov 2018 06:32 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम व्यवस्था देते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि पिछली तारीख से ऊंचा पद मिलना उस अवधि के वेतन का दावा करने का अधिकार नहीं देता है। कोर्ट ने कहा कि ऊंची नियुक्ति पिछली तिथि से मिली है लेकिन ऊंची नियुक्ति का कार्य उस अवधि में नहीं किया गया तो वेतन के अंतर का दावा नहीं किया जा सकता है।
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याचिका दाखिल करते हुए रोहताष सिंह खरब ने बताया कि हरियाणा सरकार ने एचसीएस के 9 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। याची भी प्रक्रिया में शामिल हुआ और मेरिट में 11वें स्थान पर था। एचसीएस की मेरिट से बाहर होने के चलते उसे तहसीलदार नियुक्त कर दिया गया। याची ने बताया कि चयनित 9 आवेदकों में से 2 ने ज्वाइन नहीं किया, जिसके चलते मेरिट में 10वें और 11वें स्थान पर मौजूद लोगों को नियुक्ति दी गई जिसमें याची शामिल है।
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याची ने कहा कि एचसीएस के बाकी लोगों को 31 जनवरी 1986 को नियुक्ति दी गई थी जबकि याची को 22 मार्च 1990 को। याची ने इस पर अन्य की नियुक्ति की तिथि से ही उसे भी एचसीएस के वेतन के लिए योग्य करार देने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका को मंजूर करते हुए उसका वेतन अन्य की नियुक्ति की तिथि से एचसीएस का निर्धारित कर दिया था।
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इसके बाद उसने वेतन के अंतर की राशि की मांग की थी जिसे हरियाणा सरकार ने खारिज कर दिया था। इसके बाद फिर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि पिछली तिथि से वेतन निर्धारित करना ठीक है लेकिन जब याची ने ड्यूटी तहसीलदार की निभाई तो वह एचसीएस के वेतन की उस अवधि के अंतर की मांग नहीं कर सकता।