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अब कनाडा का किसान करेगा पंजाब में खेती
ब्यूरो/अमर उजाला, चप्पड़चिड़ी (मोहाली)
Updated Wed, 19 Feb 2014 12:05 AM IST
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कनाडा में बैठा किसान करेगा पंजाब में खेती। जी, हां सुनने में यह चीज थोड़ी हैरानी करने वाली लग सकती है। लेकिन यह बिल्कुल सच है। इसी चीज को हकीकत में बदलने की कोशिश की है कि पीएयू लुधियाना के माहिरों ने।
उन्होंने एडवांस टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है। जिससे किसान को अपने खेत संबंधी सारी जानकारी फोन और कंप्यूटर पर फोटो सहित मिलेगी। इतना ही नहीं, यदि खेत को पानी और खाद्व की जरूरत है। तो भी किसान को पता चल जाएगा। उम्मीद है कि इससे खेती की पैदावार बढ़ने में काफी सहायता मिलेगी
प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट में आए यूनिवर्सिटी के माहिरों ने बताया कि उन्होंने इस तकनीक को स्मार्ट एग्रीकल्चर सिस्टम का नाम दिया है। यह सिस्टम पूरे देश में अपनी तरह का पहला सिस्टम है।
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इसके तहत किसी भी खेत में जरूरत के हिसाब से सेंसर नोड लगा दिए जाएंगे। जिसके बाद किसी भी जगह पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। जहां पर लगे कंप्यूटर पर सेंसरों से सीधा डॉटा अपने आप पहुंचना शुरू हो जाएगा।
दिन में जब चाहे हम खेत से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर पाएंगे। सिस्टम में जीपीआरएस सिस्टम भी लगा है। जिससे खेत के हर हिस्से को हम नजदीक से देख पाएंगे।
इसके अलावा खेत की मिट्टी, तापमान और आर्द्रता का भी हमें पता चलता रहेगा। साथ ही फसल पर हर समय नजर रखी जा सकेंगी। इस दौरान किसी चीज की कमी होगी तो उसमें सुधार किया जा सकेगा।
तकनीक से खेती में आएगी क्रांति
यह तकनीक पीयू के प्रोफेसर मंजीत सिंह की अगुवाई में एडवांस टेक्नोलॉजी कंपनी तैयार कर रही है। इस मौके उन्होंने बताया कि सिस्टम का काम आखिरी चरण में पहुंच गया है। आने वाले दो दिनों में तकनीक को आखिरी रूप से दिया जाएगा। इस तकनीक से वैज्ञानिकों को काफी फायदा मिलेगा। फसलों की रिसर्च आसनी से कर पाएंगे। साथ ही खेती में इससे एक नई क्रांति आएगी।
आम आदमी के बजट में होगी तकनीक
एडवांस टेक्नोलॉजी कंपनी के मैनेजर इंजीनियर मन्नी ने बताया कि यह तकनीक आम आदमी के बजट में होगी। जल्दी ही इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही किसानों को इसके प्रति जागरूक भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिस्टम जितना कृषि माहिरों के लिए फायदेमंद है। उतनी ही किसानों के लिए लाभकारी सिद्व होगा।
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उन्होंने एडवांस टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है। जिससे किसान को अपने खेत संबंधी सारी जानकारी फोन और कंप्यूटर पर फोटो सहित मिलेगी। इतना ही नहीं, यदि खेत को पानी और खाद्व की जरूरत है। तो भी किसान को पता चल जाएगा। उम्मीद है कि इससे खेती की पैदावार बढ़ने में काफी सहायता मिलेगी
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प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट में आए यूनिवर्सिटी के माहिरों ने बताया कि उन्होंने इस तकनीक को स्मार्ट एग्रीकल्चर सिस्टम का नाम दिया है। यह सिस्टम पूरे देश में अपनी तरह का पहला सिस्टम है।
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इसके तहत किसी भी खेत में जरूरत के हिसाब से सेंसर नोड लगा दिए जाएंगे। जिसके बाद किसी भी जगह पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। जहां पर लगे कंप्यूटर पर सेंसरों से सीधा डॉटा अपने आप पहुंचना शुरू हो जाएगा।
दिन में जब चाहे हम खेत से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर पाएंगे। सिस्टम में जीपीआरएस सिस्टम भी लगा है। जिससे खेत के हर हिस्से को हम नजदीक से देख पाएंगे।
इसके अलावा खेत की मिट्टी, तापमान और आर्द्रता का भी हमें पता चलता रहेगा। साथ ही फसल पर हर समय नजर रखी जा सकेंगी। इस दौरान किसी चीज की कमी होगी तो उसमें सुधार किया जा सकेगा।
तकनीक से खेती में आएगी क्रांति
यह तकनीक पीयू के प्रोफेसर मंजीत सिंह की अगुवाई में एडवांस टेक्नोलॉजी कंपनी तैयार कर रही है। इस मौके उन्होंने बताया कि सिस्टम का काम आखिरी चरण में पहुंच गया है। आने वाले दो दिनों में तकनीक को आखिरी रूप से दिया जाएगा। इस तकनीक से वैज्ञानिकों को काफी फायदा मिलेगा। फसलों की रिसर्च आसनी से कर पाएंगे। साथ ही खेती में इससे एक नई क्रांति आएगी।
आम आदमी के बजट में होगी तकनीक
एडवांस टेक्नोलॉजी कंपनी के मैनेजर इंजीनियर मन्नी ने बताया कि यह तकनीक आम आदमी के बजट में होगी। जल्दी ही इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही किसानों को इसके प्रति जागरूक भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिस्टम जितना कृषि माहिरों के लिए फायदेमंद है। उतनी ही किसानों के लिए लाभकारी सिद्व होगा।