{"_id":"59b3e1ef4f1c1bf17f8b55a3","slug":"punjab-72-years-old-lady-filed-divorce-petition","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"72 साल की दुल्हन ने पति से मांगा तलाक, वजह हैरान करने वाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
72 साल की दुल्हन ने पति से मांगा तलाक, वजह हैरान करने वाली
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sun, 10 Sep 2017 09:02 AM IST
विज्ञापन
senior citizens
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
72 साल की एक दुल्हन ने पति से तलाक मांगा है। मामला और इसके पीछे की वजह इतनी अजीब है कि जानकर हर कोई हैरान हो जाता है। केस पंजाब के अमृतसर का है। जयपाल (75) और वीना (72) वर्ष की हैं। जिंदगी के आखिरी पड़ाव में दोनों के बीच कानूनी जंग शुरू हो गई है। वीना ने शादी के 45 वर्ष बाद पति से तलाक मांगा है।
आरोप लगाया है कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया। प्रताड़ित व घर से निकालने के आरोप में वीना ने बेटे अमनदीप (27) व बहू मोनिका (25) पर भी आरोप लगाते हुए दोनों को कठघरे में खड़ा किया है। वीना के दो बेटे हैं और दो ही बेटियां। चारों शादीशुदा और बच्चे वाले हैं।
जयपाल पराशर चावल व्यापारी हैं और तरनतारन स्थित खालसा रोड में रहने वाले हैं। उनकी शादी 1972 में हुई थी। शादी के बाद अब तक पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर इतनी अनबन नहीं हुई कि मामला थाने से अदालत तक पहुंचता।
विज्ञापन
लेकिन शादी के 45 वर्ष बाद घरेलू हिंसा व दहेज को लेकर अमृतसर की अदालत में चल रहे इस केस को लेकर जो भी सुनता है वो अचंभित हो जाता है।
विज्ञापन
आरोप लगाया है कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया। प्रताड़ित व घर से निकालने के आरोप में वीना ने बेटे अमनदीप (27) व बहू मोनिका (25) पर भी आरोप लगाते हुए दोनों को कठघरे में खड़ा किया है। वीना के दो बेटे हैं और दो ही बेटियां। चारों शादीशुदा और बच्चे वाले हैं।
विज्ञापन
जयपाल पराशर चावल व्यापारी हैं और तरनतारन स्थित खालसा रोड में रहने वाले हैं। उनकी शादी 1972 में हुई थी। शादी के बाद अब तक पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर इतनी अनबन नहीं हुई कि मामला थाने से अदालत तक पहुंचता।
विज्ञापन
लेकिन शादी के 45 वर्ष बाद घरेलू हिंसा व दहेज को लेकर अमृतसर की अदालत में चल रहे इस केस को लेकर जो भी सुनता है वो अचंभित हो जाता है।
पति, बहू व बेटा तीनों मिलकर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं
बुजुर्गों का सम्मान
वीना ने अदालत को बताया कि उसका पति, बहू व बेटा तीनों मिलकर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। छह महीने पहले उनकी मां की मौत हुई थी। मां की मौत के बाद से ही उनके पति, बेटा व बहू उसे मां की संपत्ति में हिस्सा लेने के लिए पहले उकसाते रहे जब उन्होंने मायके की जमीन में मां की संपत्ति में हिस्सा लेने से मना किया तो उससे मारपीट करके उसे घर से निकाल दिया गया।
जब पुलिस ने 45 वर्ष पुराने शादी में दहेज का मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो वीना ने तीन सितंबर 2017 को अदालत का दरवाजा खटखटाया। अमृतसर की अदालत में यह केस चल रहा है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2017 तय की है।
क्या है कानून
हिंदू उत्तराधिकार संशोधित अधिनियम 2005 के प्रावधान में यह साफ किया गया है कि पिता की संपत्ति पर एक बेटी भी बेटे के समान अधिकार रखती है। हिंदू परिवार में एक पुत्र को जो अधिकार प्राप्त हैं, वे अब बेटियों को भी समान रूप से मिलेंगे। यह प्रस्ताव 20 दिसंबर 2004 से पहले हुए संपत्ति के बंटवारे पर लागू नहीं होगा।
हिंदू उत्तराधिकार कानून 1956 में बेटी के लिए पिता की संपत्ति में किसी तरह के कानूनी अधिकार की बात नहीं कही गई। बाद में 9 सितंबर 2005 को इस में संशोधन कर पिता की संपत्ति में बेटी को भी बेटे के बराबर अधिकार दिया गया। इस में कानून की धारा 6 (5) में स्पष्ट रूप से यह लिखा है कि इस कानून के पास होने के पूर्व में हो चुके बंटवारे इस नए कानून से अप्रभावित रहेंगे।
जब पुलिस ने 45 वर्ष पुराने शादी में दहेज का मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो वीना ने तीन सितंबर 2017 को अदालत का दरवाजा खटखटाया। अमृतसर की अदालत में यह केस चल रहा है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2017 तय की है।
क्या है कानून
हिंदू उत्तराधिकार संशोधित अधिनियम 2005 के प्रावधान में यह साफ किया गया है कि पिता की संपत्ति पर एक बेटी भी बेटे के समान अधिकार रखती है। हिंदू परिवार में एक पुत्र को जो अधिकार प्राप्त हैं, वे अब बेटियों को भी समान रूप से मिलेंगे। यह प्रस्ताव 20 दिसंबर 2004 से पहले हुए संपत्ति के बंटवारे पर लागू नहीं होगा।
हिंदू उत्तराधिकार कानून 1956 में बेटी के लिए पिता की संपत्ति में किसी तरह के कानूनी अधिकार की बात नहीं कही गई। बाद में 9 सितंबर 2005 को इस में संशोधन कर पिता की संपत्ति में बेटी को भी बेटे के बराबर अधिकार दिया गया। इस में कानून की धारा 6 (5) में स्पष्ट रूप से यह लिखा है कि इस कानून के पास होने के पूर्व में हो चुके बंटवारे इस नए कानून से अप्रभावित रहेंगे।