{"_id":"eb49c06268fb9fa8cd24841446353e9a","slug":"puda-employee-strike-to-struggle-in-bad-weather","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब मौसम में भी संघर्षरत रहे पुडा मुलाजिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब मौसम में भी संघर्षरत रहे पुडा मुलाजिम
अमर उजाला मोहाली
Updated Wed, 25 Dec 2013 08:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धुंध और ठंड के बावजूद भी पुडा मुलाजिमों का संघर्ष मंगलवार को जारी रहा। इस दौरान पांच मुलाजिम भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें बलविंदर सिंह, गुरभजन सिंह, बाबूराम, करमजीत सिंह एवं बलबीर सिंह मलोया शामिल थे। यह सारे मुलाजिम पुडा और गमाडा में तैनात थे।
इस मौके पर पुडा मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी के को-कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला ने साफ किया है कि मैनेजमेंट की गलत नीतियों के चलते मुलाजिम संघर्ष की राह पर आने को मजबूर हुए हैं।
यदि मैनेजमेंट ने जल्दी मांगों को पूरा नहीं किया तो मुलाजिम अपना काम बंद कर देंगे। नौ जनवरी को मुलाजिम राज्यस्तरीय रोष रैली मोहाली में करेंगे। इसमें पुडा की सभी इकाईयों के मुलाजिम शामिल होंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पुडा मैनेजमेंट द्वारा मुलाजिमों की मांगों को पूरा कर किया जाता है। तो इससे सरकार के खजाने पर किसी भी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा।
क्योंकि फंड पुडा द्वारा अपने ही साधनों से पैदा किए जाएंगे। उन्होंने दलील दी कि पुडा में जो सरकार द्वारा अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं।
उनकी पेंशन कंटीन्यूएशन एवं पुडा द्वारा अपने साधनों द्वारा की जाती है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगें मानने में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। मुलाजिमों की मुख्य मांगे छह के करीब हैं। उन्होंने बताया कि अन्य इकाईयों में भूख हड़ताल लगातार चल रही है।
विज्ञापन
इस मौके पर पुडा मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी के को-कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला ने साफ किया है कि मैनेजमेंट की गलत नीतियों के चलते मुलाजिम संघर्ष की राह पर आने को मजबूर हुए हैं।
विज्ञापन
यदि मैनेजमेंट ने जल्दी मांगों को पूरा नहीं किया तो मुलाजिम अपना काम बंद कर देंगे। नौ जनवरी को मुलाजिम राज्यस्तरीय रोष रैली मोहाली में करेंगे। इसमें पुडा की सभी इकाईयों के मुलाजिम शामिल होंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पुडा मैनेजमेंट द्वारा मुलाजिमों की मांगों को पूरा कर किया जाता है। तो इससे सरकार के खजाने पर किसी भी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा।
क्योंकि फंड पुडा द्वारा अपने ही साधनों से पैदा किए जाएंगे। उन्होंने दलील दी कि पुडा में जो सरकार द्वारा अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं।
उनकी पेंशन कंटीन्यूएशन एवं पुडा द्वारा अपने साधनों द्वारा की जाती है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगें मानने में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। मुलाजिमों की मुख्य मांगे छह के करीब हैं। उन्होंने बताया कि अन्य इकाईयों में भूख हड़ताल लगातार चल रही है।