अब पंजाब बजट से जनता को विकास की आस
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वीरवार को आम बजट पेश किया था। अब प्रदेशवासियों की नजरें आगामी 16 जुलाई को वर्ष 2014-15 के लिए पंजाब विधानसभा में पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं।
बेशक केंद्रीय बजट प्रदेश के लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, लेकिन सूबे के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं।
उद्योग-व्यापार जगत विभिन्न राहतों के लिए इस बजट से उम्मीद लगाए बैठा है, तो दो साल से टैबलेट की बाट जोह रहे सीनियर सेकेंडरी के छात्र उम्मीदभरी नजरों से वित्त मंत्री की ओर देख रहे हैं। उन्हें आशा है कि शायद इस बार 2012 के विधानसभा चुनाव में किए गए वादे को गठबंधन सरकार पूरा कर दे।
शिक्षा और बिजली में सुधार की आस
लड़कियों और होनहार छात्रों के लिए गठबंधन सरकार पहले ही कई स्कॉलरशिप एवं और सुविधाएं शुरू किए हुए है, लेकिन आगामी बजट में कुछ और मिलने की उम्मीद स्टूडेंट्स कर रहे हैं।
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार नए थर्मल प्लांटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, लेकिन इनमें पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू होने में अभी कुछ वक्त लगेगा। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि सरकार बजट में कुछ ऐसे प्रावधान करे, जिससे बिजली तो पूरी मिले ही, ट्रांसमिशन लाइनों का स्तर भी सुधरे, जिससे उन्हें टेक्निकल शट-डाउन से निजात मिल सके।
उद्योगपति और किसान भी बिजली के संबंध में सरकार की योजनाओं की तरफ देख रहे हैं, जिससे औद्योगिक और एग्रीकल्चर प्रोडक्शन बढ़ सके।
नशे का नाश चाहती है जनता
सरकार ड्रग्स की समाप्ति को लेकर भी गंभीर दिख रही है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि सरकार युवाओं का ध्यान नशों से हटाकर खेलों की तरफ लगाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान करेगी।
इसके साथ ही विभिन्न स्तरों की खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए अधिक सुविधाओं की घोषणा की आशा भी युवा वर्ग कर रहा है।
कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती
इस समय पंजाब सरकार भारी-भरकम ऋण के बोझ तले दबी है। प्रदेश पर करीब 1.02 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसेे रीस्ट्रक्चर करने और आतंकवाद के समय सुरक्षा बलों पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये प्रदेश को वापस करने की मांग प्रदेश सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से की थी।
पंजाब सरकार की इन मांगों को केंद्री सरकार का बजट पूरा नहीं कर पाया है। ऐसे में प्रदेश सरकार के सामने आर्थिक संकट के बावजूद अपने ही साधनों से जुगाड़ करके लोगों की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती है।
कोट
‘अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार हर वर्ग को सुविधाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। वर्ष 2014-15 का बजट भी इसी लाइन पर होगा।’