कोरोना का खौफ : पंजाब सचिवालय में आम लोगों का प्रवेश बंद, भाजपा के सभी कार्यक्रम 30 अप्रैल तक स्थगित
- सचिव स्तर के अफसर की अनुमति पर ही बन सकेगा एंट्री पास
- सचिवालय में सभी कर्मचारियों को मास्क पहनने के निर्देश जारी
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पंजाब में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। सभी सरकारी कार्यालयों में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों को मास्क पहनना होगा। पंजाब सरकार ने इसे पहले ही अनिवार्य कर दिया है। वहीं अब चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय और पंजाब सिविल सचिवालय-2 (मिनी सचिवालय) में भी सभी विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को मास्क पहनना होगा। यहां बिना मास्क प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों सचिवालयों में पब्लिक डीलिंग पर रोक लगा दी गई है और आम लोगों के आने-जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दोनों सचिवालयों में अब तक लागू व्यवस्था के अनुसार, विभिन्न विभागों में आम लोगों को एंट्री पास के जरिए प्रवेश मिलता था। हालांकि इसके लिए भी सचिवालय में स्थित विभागों के संबंधित अधिकारियों से पहले अनुमति लेना आवश्यक होता था। अब यह एंट्री पास बनाने की व्यवस्था को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। अब सचिवालयों के एंट्री पास के काउंटर तो खुले रहेंगे लेकिन किसी भी बाहरी व्यक्ति (जो सचिवालय में कर्मचारी नहीं है) को तभी सचिवालय के भीतर जाने की इजाजत मिलेगी, जब इसकी अनुमति सचिव स्तर का अधिकारी देगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को राज्य में कोरोना से निपटने के लिए नए निर्देश जारी करते हुए सभी सरकारी विभागों में पब्लिक डीलिंग पर रोक लगा दी है और अगले आदेश तक दफ्तरों में आम लोगों से सीधे जुड़े कामकाज ऑनलाइन या वर्चुअल तरीके करने को कहा।
भाजपा के कार्यक्रम 30 अप्रैल तक स्थगित
पंजाब में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भाजपा ने 30 अप्रैल तक पार्टी के सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। पार्टी ने तय किया है कि अब भाजपा पंजाब सरकार के रवैये व अन्य राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया है।
ये कार्यक्रम स्थगित
- भाजपा युवा मोर्चा को 10 अप्रैल को प्रदेश सरकार के सरंक्षित माफिया राज और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कानून-व्यवस्था की अर्थी फूंक प्रदर्शन करना था
- 15 अप्रैल को बाबा साहिब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर चार घंटे का अनशन करना था
- 17 अप्रैल को भाजपा किसान मोर्चा और बीसी मोर्चा के सिख कार्यकर्ताओं द्वारा सद्भावना यात्रा के आयोजन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है