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पीयू ने कानून की पढ़ाई के लिए मेरिट में दिया अतिरिक्त लाभ वापस लिया

Fri, 27 Nov 2020 09:20 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 09:20 PM IST
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PU withdraws additional benefits given to merit for the study of law
अमर उजाला में 21 अक्तूबर को छपी खबर। - फोटो : a
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के यूआईएलएस विभाग से कानून की पढ़ाई करने के लिए हो रहे दाखिलों में मेरिट के नाम पर खेल कर दिया गया था। एक माह की जांच के बाद पीयू को अपनी गलती का पता चला और उन्होंने बारहवीं में कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को दिया दो फीसदी नंबरों का अतिरिक्त लाभ का आदेश वापस ले लिया। अब नई प्रोविजनल लिस्ट जारी की गई है। इसमें पहले जिन विद्यार्थियों की मेरिट लिस्ट 150 पहुंच रही थी, अब उनकी घटकर 80 से 90 पहुंच गई।
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छात्रों का कहना है कि दो फीसदी अंक का वेटेज देने वाले लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि एक माह तक छात्रों ने मानसिक पीड़ा झेली है। पीयू के इस खेल को अमर उजाला ने 21 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पीयू सकते में आ गई और फिर आई आपत्तियों पर जांच करनी पड़ी।
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यह था मामला
पंजाब विश्वविद्यालय के यूआईएलएस विभाग से पांच वर्षीय कानून की पढ़ाई होती है। इसके लिए मेरिट के आधार पर इस बार प्रवेश करने का निर्णय लिया गया और मेरिट जारी की गई। जैसे ही मेरिट सामने आई तो विद्यार्थी हैरत में पड़ गए, क्योंकि पीयू की ओर से उन विद्यार्थियों को दो फीसदी अंकों का वेटेज दे दिया गया जिन्होंने बारहवीं में लीगल स्टडीज की पढ़ाई की थी। इसके कारण तमाम विद्यार्थियों की मेरिट अच्छी नहीं आ पाई। पीयू के इस फैसले पर विद्यार्थियों आपत्तियां दायर करते हुए कहा कि प्रोस्पेक्ट्स में इस बात का जिक्र नहीं किया गया था कि लीगल स्टडीज पढ़े विद्यार्थियों को वेटेज दिया जाएगा। इस प्रकरण को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया। आई 100 से अधिक आपत्तियों की जांच की गई और पीयू को अपना वेटेज देने वाला निर्णय वापस लेना पड़ा।
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गुरमन गीत की मेरिट अब 105 आई
चंडीगढ़ के सेक्टर-24 निवासी छात्रा गुरमन गीत कौर पांडेय ने कहा कि उन्होंने तीन वर्षीय कानून की पढ़ाई में दाखिले के लिए आवेदन किया था। परीक्षा नहीं करवाई गई थी, इसलिए सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए 50 अंक बराबर दिए गए थे। बाकी मेरिट 12वीं के अंकों के आधार पर बननी थी। प्रॉस्पेक्ट्स में यह नहीं दर्शाया गया था कि कक्षा 12 में लीगल स्टडीज पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दो फीसदी अंकों का लाभ मिलेगा। इसके कारण उसकी मेरिट 150 पार चली गई लेकिन जैसे ही वेटेज दो फीसदी अंकों को पीयू ने वापस लिया तो अब उसकी मेरिट 105 आई है। हालांकि गुरमन गीत ने इस निर्णय का इंतजार करके दिल्ली में दाखिला ले लिया। इसी तरह विकास शर्मा, रंजन कुमार आदि विद्यार्थियों को भी अब दाखिला मिल सकेगा। जिन विद्यार्थियों को पीयू के होशियारपुर, लुधियाना केंद्र पर पढ़ाई के लिए दाखिला मिलता, वे अब पीयू में दाखिला ले पाएंगे। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी पीयू के इस निर्णय से अब लाभ मिलेगा।
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