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चंडीगढ़: पीयू के छात्र अभिषेक ने ट्रैकिंग में बनाया विश्व रिकॉर्ड, ब्रह्मताल झील सर्किट ट्रैक को सात घंटे 52 मिनट में किया पूरा
Sun, 27 Mar 2022 12:51 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:51 AM IST
सार
ट्रैक में अभिषेक के साथ डिफेंस के दो से तीन लोग और ट्रैकिंग गाइड थे। वह भविष्य में विदेश जाकर माउंटेरियन और क्लाइबिंग में कोर्स करना चाहते हैं, जिससे एडवेंचर स्पोर्ट्स में महारत हासिल की जा सके।
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अभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब यूनिवर्सिटी के डिफेंस स्टडीज के एमए दूसरे वर्ष के छात्र अभिषेक ने ट्रैकिंग में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। अभिषेक टेनिस के खिलाड़ी रहे हैं लेकिन तीन साल पहले चोट लगने के कारण उन्हें टेनिस छोड़ना पड़ा। वे खेलना चाहते थे लेकिन रिकवरी में अधिक समय लग गया।
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करीब दो साल पहलेे एडवेंचर स्पोर्ट्स का रुख किया और इसी में रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने उत्तराखंड के ब्रह्मताल झील सर्किट ट्रैक को 7 घंटे 52 मिनट में पूरा कर रिकॉर्ड बनाया है।
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अभिषेक ने बताया कि ब्रह्मताल ट्रैक 12700 फीट ऊंचाई और 13 किमी का ट्रैक है। उन्होंने इस ट्रैक को करने के लिए विश्व महिला दिवस 8 मार्च का दिन चुना। वह इस उपलब्धि को महिलाओं को समर्पित करना चाहते थे।
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इससे पहले ब्रह्मताल ट्रैक को 8 घंटे से अधिक के समय में पूरा करने का विश्व रिकॉर्ड था। ट्रैक को 8 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन इसे इससे पहले ही पूरा कर दिया।
ट्रैकिंग में किसी रिकॉर्ड को तोड़ने का ये पहला प्रयास था। इससे पहले वह लगभग दो साल से अभ्यास के लिए ट्रैकिंग कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने त्रियुंड, चंद्रशिला, केदारकंठ इत्यादि पर ट्रैक किया है।
उन्होंने बताया कि वह पंचकूला में रहते हैं, उनके परिवार में खेल और एडवेंचर के क्षेत्र में सिर्फ वे इकलौते हैं। उनके पिता डॉ. वीरेंद्र मेहता शिक्षा विभाग में अधिकारी और माता इंदुबाला गृहिणी हैं।
डिजिटल घड़ी के जरिए ट्रैक की मॉनिटरिंग हुई
अभिषेक ने बताया कि ट्रैक का आयोजन आईकॉन एंबेसडर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन की ओर से किया गया था। टीम ने डिजिटल घड़ी के जरिए पूरे ट्रैक को मॉनिटर किया।
ट्रैक में अभिषेक के साथ डिफेंस के दो से तीन लोग और ट्रैकिंग गाइड थे। वह भविष्य में विदेश जाकर माउंटेरियन और क्लाइबिंग में कोर्स करना चाहते हैं, जिससे एडवेंचर स्पोर्ट्स में महारत हासिल की जा सके।