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पीयू ने नहीं लौटाई 9.72 करोड़ दाखिला परीक्षा फीस
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पीयू ने नहीं लौटाई 9.72 करोड़ दाखिला परीक्षा फीस
कोरोना संक्रमण के कारण रद्द कर दी थी 2020-21 की दाखिला परीक्षा
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा 2020-21 सत्र में ली गई दाखिला परीक्षा फीस को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता राजिंदर के सिंगला ने पीयू से आरटीआई के माध्यम से इसकी जानकारी मांगी। विश्वविद्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार 2020-21 सत्र में संयुक्त प्रवेश परीक्षा फीस के तहत 9,72,24,066 रुपये जमा हुए थे।
राजिंदर ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के चलते उस सत्र में प्रवेश परीक्षा नहीं ली गई थी। इसके बावजूद पीयू ने यह राशि अभी तक विद्यार्थियों को वापस नहीं की है। उन्होंने शुक्रवार को पीयू के चांसलर और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को इस मुद्दे की आरटीई की कॉपी संलग्न कर शिकायत भेजी है।
उन्होंने बताया कि पीयू ने प्रवेश परीक्षा फीस के नाम पर बच्चों को लूटा है। अलग-अलग कोर्स के विद्यार्थियों से एक कोर्स के दो-तीन हजार रुपये वसूले गए थे। जब परीक्षा आयोजित ही नहीं की गई तो विद्यार्थियों को उनसे ली गई फीस को वापस किया जाना था, लेकिन पीयू प्रशासन ने अभी तक विद्यार्थियों को परीक्षा फीस वापस देने संबंधी कोई फैसला नहीं लिया है।
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एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने बताया कि दाखिला परीक्षा फीस को लेकर पीयू के विभिन्न विद्यार्थी संगठनों नेे भी पीयू प्रशासन से पूछा था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। कार्यकर्ता राजिंदर के सिंगला ने बताया कि फीस की जानकारी अकाउंट ब्रांच के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने उपलब्ध करवाई थी।
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कोरोना संक्रमण के कारण रद्द कर दी थी 2020-21 की दाखिला परीक्षा
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा 2020-21 सत्र में ली गई दाखिला परीक्षा फीस को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता राजिंदर के सिंगला ने पीयू से आरटीआई के माध्यम से इसकी जानकारी मांगी। विश्वविद्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार 2020-21 सत्र में संयुक्त प्रवेश परीक्षा फीस के तहत 9,72,24,066 रुपये जमा हुए थे।
राजिंदर ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के चलते उस सत्र में प्रवेश परीक्षा नहीं ली गई थी। इसके बावजूद पीयू ने यह राशि अभी तक विद्यार्थियों को वापस नहीं की है। उन्होंने शुक्रवार को पीयू के चांसलर और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को इस मुद्दे की आरटीई की कॉपी संलग्न कर शिकायत भेजी है।
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उन्होंने बताया कि पीयू ने प्रवेश परीक्षा फीस के नाम पर बच्चों को लूटा है। अलग-अलग कोर्स के विद्यार्थियों से एक कोर्स के दो-तीन हजार रुपये वसूले गए थे। जब परीक्षा आयोजित ही नहीं की गई तो विद्यार्थियों को उनसे ली गई फीस को वापस किया जाना था, लेकिन पीयू प्रशासन ने अभी तक विद्यार्थियों को परीक्षा फीस वापस देने संबंधी कोई फैसला नहीं लिया है।
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एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने बताया कि दाखिला परीक्षा फीस को लेकर पीयू के विभिन्न विद्यार्थी संगठनों नेे भी पीयू प्रशासन से पूछा था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। कार्यकर्ता राजिंदर के सिंगला ने बताया कि फीस की जानकारी अकाउंट ब्रांच के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने उपलब्ध करवाई थी।