फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PU administration did not work on the demand of hostel students, anger

छात्रावासों के छात्रों की मांग पर पीयू प्रशासन ने नहीं किया काम, आक्रोश

Mon, 17 Jan 2022 07:15 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 07:15 PM IST
विज्ञापन
PU administration did not work on the demand of hostel students, anger
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। उन्हें छात्रावासों में खाने के रेट अधिक देने पड़ रहे हैं। आक्रोशित छात्रों का कहना है कि पीयू एक बैठक कर यह समस्या भूल गई। छात्रों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह बढ़े हुए दाम दे सकें। वहीं, छात्र नेताओं ने भी पीयू प्रशासन को इस संबंध में पत्र लिखे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में वैसे ही आर्थिक संकट में गुजर रहे हैं, पीयू को उनकी मदद करनी चाहिए।
विज्ञापन

कोरोना की दूसरी लहर के बाद छात्रों को कैंपस में बुलाना शुरू किया गया तो मेस व कैंटीन भी खोली गईं। खाना बनना शुरू हुआ। छात्रों ने पुराने रेट से भुगतान किया तो संचालकों ने नए दाम मांगे। रेट बढ़े तो छात्र परेशान हो गए। छात्र संगठनों तक मामला पहुंचा तो प्रदर्शन आदि हुए। पीयू ने रेट कम करने का आश्वासन देकर कमेटी बनाई और एक बैठक की गई, लेकिन यह मुद्दा हल नहीं हो सका। छात्रों ने पीयू का कहना है कि वैसे ही वे कोरोना से परेशान हैं। खाने के रेट कम कर उन्हें राहत प्रदान की जानी चाहिए। उधर, छात्र नेताओं का कहना है कि पीयू इस काम में देरी न करे अन्यथा प्रदर्शन किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर मेस व कैंटीन संचालकों ने पीयू से बताया है कि छात्रावासों में छात्रों की संख्या कम होने के कारण उनकी लागत नहीं निकल पा रही है। उनके पास वर्कर्स को पैसे देने के लिए नहीं हैं। पीयू ने उनकी भी बात सुनी और कहा है कि जल्द ही समस्या हल होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed