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प्रदर्शन कर कहा, चंडीगढ़ में लागू करो पंजाबी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 22 Feb 2014 12:09 AM IST
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सेक्टर-17 के प्लाजा में चंडीगढ़ पंजाबी मंच ने शुक्रवार को धरना दिया। धरना के बाद पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक को ज्ञापन सौंपा गया।
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मंच के पदाधिकारियों ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पंजाबी भाषा के साथ किए जा रहे नफरत भरे रवैये की भरपूर निंदा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी के तौर पर निर्माण किया गया है। कई गांव, जिसकी मातृभाषा पंजाबी थी उसे उजाड़ा गया। आज भी यहां बड़ी गिनती में पंजाबी रहते हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी को तो पूरे तौर पर लागू कर दिया गया लेकिन पंजाबी भाषा को पूरे तौर पर किनारे लगा दिया।
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धरना के दौरान पंजाबी मंच ने फैसला लिया है कि आनेवाले समय में देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, और तमाम राजनीतिक हस्तियों को कहा जाएगा कि चंडीगढ़ में पंजाबी मां बोली लागू किया जाए। यदि मांगे नहीं मानी गई तो लगातार संघर्ष किए जाएंगे।
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मंच के महासचिव देवी दयाल शर्मा ने बताया कि इस धरना में बुद्धिजीवि, लेखक, पेंडू संर्षघ कमेटी के पदाधिकारी और पंच सरपंच शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि धरना को चंडीगढ़ पंजाबी मंच के चेयरमैन ऋषि राम अर्स, प्रधान सुखदेव सिंह सिरसा केअलावा बलकार सिंह, प्रीतम सिंह, सारंगपुर के सरपंच साधु सिंह, गांव दड़वा के सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी, खुडडा अलीशेर के पूर्व सरपंच बाबा गुरदियाल सिंह सहित देवराज, जीत सिंह, राज कुमार, राकेश कुमार, मंजीत कौर, रमिंदरपाल सिंह, रघबीर सिंह संधू शामिल थे।