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Chandigarh News: सेवानिवृत्ति की आयु यूजीसी नियमों के अनुसार करने को लेकर प्रस्ताव तैयार
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने अब सेवानिवृत्ति की आयु यूजीसी नियमों के अनुसार करने को लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। अभी पीयू की सेवानिवृत्ति की आयु यूजीसी के 65 वर्ष के विपरीत 60 वर्ष है। पीयू अभी भी केंद्र सरकार से शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के नियमों में पिछले संशोधनों की मंजूरी का इंतजार कर रही है। इसके साथ ही पीयू ने एक बार फिर अपने कैलेंडर में नए संशोधनों का प्रस्ताव दिया है।
पीयू ने प्रस्तावित किया है कि सेवानिवृत्ति की आयु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुसार होनी चाहिए जोकि संस्थान की सेवानिवृत्ति की आयु के विपरीत 65 वर्ष है। पीयू में वर्तमान में यह 60 वर्ष है। प्रस्तावित संशोधन को आगामी सिंडिकेट की बैठक में रखा जा रहा है। पीयू से संबद्ध गवर्नमेंट एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु वृद्धि के लिए भी यही संशोधन प्रस्तावित किया गया है। सिंडिकेट और सीनेट से पास होने के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
मार्च 2022 में गृह मंत्रालय ने किए थे नए संशोधन
चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की 29 मार्च 2022 की अधिसूचना के तहत नए संशोधन प्रस्तावित किए हैं। पीयू और इससे संबद्ध गवर्नमेंट एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की सेवा शर्तें पीयू कैलेंडर की ओर से निर्धारित की जाती हैं। इसके अनुसार वर्तमान में सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है। पीयू में इस बार कमेटी ने प्रस्ताव दिया है कि सेवानिवृत्ति की आयु यूजीसी के नियमों के अनुसार होनी चाहिए जिससे यूजीसी में जब भी कोई बदलाव किया जाए तो इसे समय-समय पर बदलने की आवश्यकता नहीं हो। चंडीगढ़ में केंद्रीय सेवा नियमों के लागू होने के बाद से शहर के सरकारी कॉलेजों में सेवानिवृत्ति की आयु बढ़कर 65 वर्ष हो गई है जो पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से भी मेल खाती है लेकिन अंतरराज्यीय निकाय कॉरपोरेट दर्जा होने के कारण पीयू को इसका लाभ नहीं दिया जा सका है। पीयू के नियमों के अनुसार, चंडीगढ़ के सात सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु भी 60 वर्ष है। इसको लेकर कॉलेजों के शिक्षकों ने प्रदर्शन भी किया था। वहीं, इससे पहले पुटा ने भी इसे लेकर विरोध जताया है।
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पीयू ने प्रस्तावित किया है कि सेवानिवृत्ति की आयु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुसार होनी चाहिए जोकि संस्थान की सेवानिवृत्ति की आयु के विपरीत 65 वर्ष है। पीयू में वर्तमान में यह 60 वर्ष है। प्रस्तावित संशोधन को आगामी सिंडिकेट की बैठक में रखा जा रहा है। पीयू से संबद्ध गवर्नमेंट एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु वृद्धि के लिए भी यही संशोधन प्रस्तावित किया गया है। सिंडिकेट और सीनेट से पास होने के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
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मार्च 2022 में गृह मंत्रालय ने किए थे नए संशोधन
चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की 29 मार्च 2022 की अधिसूचना के तहत नए संशोधन प्रस्तावित किए हैं। पीयू और इससे संबद्ध गवर्नमेंट एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की सेवा शर्तें पीयू कैलेंडर की ओर से निर्धारित की जाती हैं। इसके अनुसार वर्तमान में सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है। पीयू में इस बार कमेटी ने प्रस्ताव दिया है कि सेवानिवृत्ति की आयु यूजीसी के नियमों के अनुसार होनी चाहिए जिससे यूजीसी में जब भी कोई बदलाव किया जाए तो इसे समय-समय पर बदलने की आवश्यकता नहीं हो। चंडीगढ़ में केंद्रीय सेवा नियमों के लागू होने के बाद से शहर के सरकारी कॉलेजों में सेवानिवृत्ति की आयु बढ़कर 65 वर्ष हो गई है जो पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से भी मेल खाती है लेकिन अंतरराज्यीय निकाय कॉरपोरेट दर्जा होने के कारण पीयू को इसका लाभ नहीं दिया जा सका है। पीयू के नियमों के अनुसार, चंडीगढ़ के सात सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु भी 60 वर्ष है। इसको लेकर कॉलेजों के शिक्षकों ने प्रदर्शन भी किया था। वहीं, इससे पहले पुटा ने भी इसे लेकर विरोध जताया है।
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