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90 साल के प्रोफेसर हरकिशन को मिलेगा पद्मश्री अवार्ड, पीयू में मना जश्न

Thu, 26 Jan 2017 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Jan 2017 12:14 AM IST
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Professor Harkishan get Padma Shri Award in90 years, the party celebrating PU
प्रो, हरकिशन को बधाई देता स्टाफ - फोटो : अमर उजाला

पीयू के लिए बुधवार का दिन खास बन गया। केंद्र सरकार द्वारा घोषित देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री अवार्ड लिस्ट में पीयू के रिटायर्ड प्रोफेसर और जाने-माने फार्मास्यूटिकल साइंटिस्ट हरकिशन सिंह का नाम भी शामिल है। 

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देशभर में फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए प्रो. सिंह एकमात्र साइंटिस्ट हैं, जिन्हें इस अवार्ड से नवाजा जाएगा। 90 साल के प्रो. हरकिशन सिंह इस उम्र में भी रेगुलर पीयू के फार्मास्यूटिकल डिपार्टमेंट में आते हैं। 
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प्रोफेसर एमिरेट्स होने के कारण उनका विभाग में अलग कमरा है। बुधवार को पद्म अवार्ड की घोषणा होते ही पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) फैकल्टी में खुशी का माहौल हो गया। 
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बुधवार शाम को ही यूआईपीएस की पूरी फैकल्टी अपने टीचर के सम्मान में उनके सेक्टर-43 बी स्थित उनके घर पर पहुंची। इस खुशी को सभी ने केक काटकर मनाया।

मसल से जुड़ी दवा बनाने वाले एकमात्र व्यक्ति

Professor Harkishan get Padma Shri Award in90 years, the party celebrating PU
Panjab University - फोटो : amar ujala

मसल से जुड़ी दवा बनाने वाले एकमात्र व्यक्ति
प्रो. सिंह 1950 से पीयू से जुड़े रहे हैं। विभाग में पढ़ रहे प्रोफेसर बीएस भूप, प्रो. पीआर भारद्वाज, प्रो. वीके कपूर और नाइपर के पूर्व डायरेक्टर केके भूटानी जैसी हस्तियों को तैयार करने में प्रो. हरकिशन सिंह का विशेष योगदान रहा है। 

प्रो. हरकिशन के स्टूडेंट प्रो. भूपेंद्र सिंह भूप के अनुसार 80 और 90 के दशक में मसल से जुड़ी दवा बनाने वाले प्रो. हरकिशन एकमात्र व्यक्ति हैं। उनके दोनों बेटे अमेरिका में सेटल हैं। 

 प्रो. हरकिशन सिंह का सफर
1964 में पीयू फार्मास्यूटिकल डिपार्टमेंट में बतौर शिक्षक ज्वाइन करने वाले प्रो. हरकिशन सिंह 1971-81 तक विभागाध्यक्ष भी रहे। 1981 -85 तक फाउंडर डीन ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज और पीयू फैलो भी चुने गए।

 मसल पैन के लिए इन्होंने चंदौनियम नामक ड्रग भी विकशीत की। 18 से अधिक किताबें, 350 शोधपत्र, 14 पेटेंट और 50 स्टूडेंट्स को प्रो. सिंह ने पीएचडी करवाई है। दुनिया के लगभग सभी बड़े देशों की फार्मास्यूटिकल सोसाइटी के मेंबर रहे हैं। इटली में उन्हें हिस्ट्रोनिम अवार्ड से नवाजा जा चुका है।

पीयू के लिए यह गर्व और खुशी की बात है कि यहां से जुड़े तीन लोगों को इस साल पद्मश्री अवार्ड के लिए चुना गया है। नेशनल स्तर पर पीयू के कई एल्युमनी नेशनल अवार्ड से नवाजे जा चुके हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े हर शख्स के लिए यह गर्व की बात है। -प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर

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