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जाट आंदोलन: देशद्रोह के आरोपी प्रो. वीरेंद्र ने किया सरेंडर

Fri, 18 Mar 2016 12:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 18 Mar 2016 12:33 PM IST
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Jat Agitation: Professor Virender Singh Surrenders Before Rohtak District Court
प्रो. विरेंद्र सिंह बीजेपी - फोटो : फाइल फोटो
राजद्रोह के आरोपी प्रोफेसर विरेंद्र ने आखिरकार एसपी ऑफिस में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। बृहस्पतिवार दोपहर गुपचुप तरीके से अपने वकीलों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे विरेंद्र को दो घंटे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जेएमआईसी अश्वनी कुमार की कोर्ट ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
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वहीं, प्रोफेसर ने मीडिया के सामने कहा कि कोर्ट ने भी यह माना है कि प्रथम दृष्टया मुझ पर राजद्रोह का केस नहीं बनता है। कोर्ट ने जांच में शामिल होने को कहा था। मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं, इसलिए सरेंडर कर दिया। वहीं, प्रोफेसर को पकड़ने में नाकाम रही पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट में आरोपी के वकील ने पूछताछ के समय विरेंद्र को वकील उपलब्ध करवाने की अपील की है। इस अपील पर कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
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इससे पहले, दोपहर तीन बजे प्रो विरेंद्र सिंह ने अपने वकीलों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचकर सरेंडर कर दिया। विरेंद्र को बयानों व पूछताछ के लिए एसआईटी इंचार्ज डीएसपी पवन कुमार के ऑफिस में भेज दिया गया। डीएसपी ऑफिस में दो घंटे तक विरेंद्र सिंह से पूछताछ की गई। बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने शाम 5 बजे  आरोपी को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश अश्वनी कुमार किसी बैठक के सिलसिले में कोर्ट से बाहर गए हुए थे।
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विरेंद्र सिंह एक घंटे तक कोर्ट में खड़े रहे। करीब 6 बजे न्यायाधीश कोर्ट में पहुंचे। यहां पुलिस की तरफ से दो दिन के पुलिस रिमांड की मांग की गई। पुलिस ने दलील दी कि उन्हें विरेन्द्र सिंह की फोन डायरी बरामद करनी है। इसलिए दो दिन का रिमांड चाहिए। इस पर आरोपी के वकील आरसी दलाल और जेके गक्खड़ ने कहा कि डायरी बरामद करने के लिए एक दिन का रिमांड काफी है। लेकिन कोर्ट ने आरोपी का दो दिन का रिमांड मंजूर कर लिया। फिर आरोपी के वकील की तरफ से कोर्ट में अपील की गई कि पुलिस पूछताछ के समय विरेंद्र को एक वकील मुहैया कराया जाए। इस अपील पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। यहां से एसआईटी विरेंद्र सिंह को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।

आरोपी विरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। गंभीर धारा होने के कारण उनसे कई पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। फरार आरोपी कैप्टन मानसिंह को भी जांच में शामिल किया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
- शशांक आनंद एसपी रोहतक

कोर्ट ने अपने आदेश में माना था कि प्रथम दृष्टयता ऑडियो के आधार पर राजद्रोह का मामला नहीं बनता। लेकिन आरोप गंभीर हैं, इसलिए विरेन्द्र सिंह को जांच में सहयोग करना चाहिए। कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए विरेंद्र सिंह ने सरेंडर किया है।
- जे. के. गक्खड़ आरोपी के वकील

विरेंद्र सिंह ने कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए सरेंडर किया है। पुलिस पूछताछ के दौरान उन्हें वकील मुहैया कराने संबंधी अपील की गई है। विश्वास है कि एफआईआर से राजद्रोह की धारा को हटाया जा सकता है।

- आरसी दलाल आरोपी के वकील

ये है मामला
आरोप है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर वीरेंद्र ने जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काया। उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था, जिसमें वे आंदोलन को दूसरी जगह भी शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कुमार ने प्रोफेसर विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ  राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की ओर से दिए गए समय पर भी प्रोफेसर जांच के लिए आगे नहीं आए तो कोर्ट ने उनका गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी बीच प्रोफेसर के वकील जे. के. गक्खड़ की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी गई।
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