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बारिश शुरू होते ही बढ़ी डड्डूमाजरा में रहने वालों की मुसीबतें, घरों तक आ रहा है लीचैट
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चंडीगढ़। बारिश शुरू होते ही डड्डूमाजरा के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। बारिश के पानी के साथ डंपिग ग्राउंड से लीचैट बहकर घरों तक पहुंच रहा है। दुर्गंध के साथ बीमारी का डर सताने लगा है।
डंपिग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण का कहना है कि जब डंपिंग ग्राउंड के कचरे को प्रोसेस करने के लिए मशीन लगाई गई तो ऐसा लगा था कि अब हमें इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन प्रोसेस होने की जगह कचरे का पहाड़ लगातार बढ़ रहा है। हर साल की तरह कचरे से रिसकर गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। इस पानी से लोगों को बीमारी का खतरा सता रहा है। एक ओर कोरोना और दूसरी ओर यह गंदगी, डड्डूमाजरा के लिए एक सजा जैसी है। निगम ने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाकर हमें अच्छे दिनों का सपना दिखाया, लेकिन हकीकत अब सामने है।
21 दिसंबर को प्रशासक ने किया था प्लांट का उद्घाटन
तकरीबन 40 साल से कचरा फेंकने से बने 35 फुट के कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए बीते साल 21 दिसंबर को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया था। उस दौरान डंपिग ग्राउंड के लिए लड़ने वाले दयाल कृष्ण व नरेंद्र चौधरी को सम्मानित भी किया गया। लोगों ने इसकी सराहना करते हुए कहा था कि बड़े दिनों के बाद आज हमें इस गंदगी से मुक्ति मिलेगी, लेकिन लोगों की आस फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है।
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न प्रशासक आए और न सांसद
प्लांट के उद्घाटन के दौरान प्रशासक ने कहा था कि सांसद किरण खेर हर 15 दिन में निरीक्षण करने आएंगी। इसके अलावा वह खुद हर महीने प्लांट का निरीक्षण करेंगे ताकि पता चल सके कि कंपनी किस तरह से काम कर रही है और कितनी तेजी से कचरा प्रोसेस हो रहा है। वह दिन है और आज का दिन है कोई भी प्लांट को देखने नहीं पहुंचा।
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डंपिग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण का कहना है कि जब डंपिंग ग्राउंड के कचरे को प्रोसेस करने के लिए मशीन लगाई गई तो ऐसा लगा था कि अब हमें इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन प्रोसेस होने की जगह कचरे का पहाड़ लगातार बढ़ रहा है। हर साल की तरह कचरे से रिसकर गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। इस पानी से लोगों को बीमारी का खतरा सता रहा है। एक ओर कोरोना और दूसरी ओर यह गंदगी, डड्डूमाजरा के लिए एक सजा जैसी है। निगम ने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाकर हमें अच्छे दिनों का सपना दिखाया, लेकिन हकीकत अब सामने है।
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21 दिसंबर को प्रशासक ने किया था प्लांट का उद्घाटन
तकरीबन 40 साल से कचरा फेंकने से बने 35 फुट के कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए बीते साल 21 दिसंबर को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया था। उस दौरान डंपिग ग्राउंड के लिए लड़ने वाले दयाल कृष्ण व नरेंद्र चौधरी को सम्मानित भी किया गया। लोगों ने इसकी सराहना करते हुए कहा था कि बड़े दिनों के बाद आज हमें इस गंदगी से मुक्ति मिलेगी, लेकिन लोगों की आस फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है।
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न प्रशासक आए और न सांसद
प्लांट के उद्घाटन के दौरान प्रशासक ने कहा था कि सांसद किरण खेर हर 15 दिन में निरीक्षण करने आएंगी। इसके अलावा वह खुद हर महीने प्लांट का निरीक्षण करेंगे ताकि पता चल सके कि कंपनी किस तरह से काम कर रही है और कितनी तेजी से कचरा प्रोसेस हो रहा है। वह दिन है और आज का दिन है कोई भी प्लांट को देखने नहीं पहुंचा।