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हरियाणा सरकार ने लिया बड़ा फैसला, निजी स्कूल छुट्टी के बाद ही कर सकेंगे निर्माण कार्य

Tue, 17 Jul 2018 10:08 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 17 Jul 2018 10:08 AM IST
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private schools will be allowed to holiday the construction work in Haryana
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में संचालित निजी स्कूलों के छात्रों की सेफ्टी के लिए कड़ा निर्णय लिया है। बच्चों की पढ़ाई के समय में कोई भी स्कूल संचालक अपने परिसर में निर्माण कार्य नहीं कर सकेगा। स्कूल में छुट्टी होने के बाद ही निर्माण से जुड़ी गतिविधियां करने की अनुमति होगी। सरकार ने यह प्रावधान गुरुग्राम के एक निजी स्कूल में हुए प्रिंस हत्याकांड के बाद तैयार की गई सेफ्टी गाइडलाइन में किया है।
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प्रिंस के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने यह प्रावधान करने की मांग उठाई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों के साथ ही हरियाणा सरकार को भी अपनी सेफ्टी गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के निर्देशों के बाद स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से तैयार की गई सेफ्टी गाइडलाइन में यह बिंदु भी जोड़ दिया गया है। साथ ही गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट में जमा कराई जा चुकी हैं। इसलिए अब निजी स्कूल वर्किंग ऑवर्स में निर्माण कार्य नहीं करा सकेंगे।
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ऐसा करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। निजी स्कूल संचालक सरकार की गाइडलाइन में शामिल इस बिंदु का कड़ा विरोध कर रहे हैं। नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस (नीसा)  के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि स्कूल संचालकों में इससे भारी नाराजगी है। स्कूलों में छुट्टी के बाद लेबर और मिस्त्री कहां से मिलेंगे। चूंकि, निर्माण सुबह शुरू हो जाते हैं। कौन दोपहर बाद तक इंतजार में बैठा रहेगा। 
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लाखों के सीसीटीवी और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने में स्कूल असमर्थ
कुलभूषण शर्मा ने कहा कि सरकार ने निजी स्कूलों को सीसीटीवी कैमरे व फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। तीन लाख के सीसीटीवी कैमरे व चार लाख का फायर सेफ्टी सिस्टम एकदम लगाने में अधिकांश स्कूल असमर्थ हैं। सरकार स्कूलों में नियम-134ए के तहत रुकी हुई राशि प्रदान करे, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वहीं, सरकारी स्कूलों में भी शिक्षा विभाग सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल व सरकारें रैलियों के लिए निजी स्कूलों की बसें नहीं ले सकती। मुख्य सचिव इस संबंध में हाईकोर्ट में शपथ पत्र भी दे चुके हैं, कि स्कूली बसें रैलियों में नहीं जाएंगी।


राष्ट्रीय महिला आयोग जाएगी नीसा
नीसा ने प्रिंस हत्याकांड मामले में प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज करने और गिरफ्तारी के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। नीसा के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने बताया कि कोई भी महिला शिक्षक निजी स्कूलों में प्रिंसिपल बनने को तैयार नहीं है। चूंकि, प्रिंस मामले में हुई कार्रवाई के बाद से शिक्षक भयभीत हैं। इससे निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है। आयोग से उचित कदम उठाने की मांग करेंगे। 
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