चंडीगढ़ के 10 प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा विभाग का छापा, मचा हड़कंप
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लंबे इंतजार के बाद आखिर यूटी प्रशासन ने शहर के नामी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की हिम्मत जुटाई है। प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में शामिल करने, कैंपस में बुकशॉप खोलकर किताबें और ड्रेस मनमाने दामों पर बेचने के मामले में वीरवार से शिक्षा विभाग ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। वीरवार सुबह 9 बजे से ही शहर के 10 प्राइवेट स्कूलों में छापेमारी शुरू हो गई थी।
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) द्वारा गठित 10 कमेटियों ने इन स्कूलों में चेकिंग अभियान चलाया। छापेमारी वाले स्कूलों में विवेक हाई स्कूल और चितकारा जैसे प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल भी शामिल थे। प्राइवेट स्कूलों पर छापेमारी की खबर से शहर के अन्य प्राइवेट स्कूलों में भी हड़कंप मच गया। स्कूलों ने तुरंत टीचर्स को सभी कक्षाओं में भेजकर स्टूडेंट्स को जांच कमेटी के सामने दिए जाने वाले बयानों के लिए तैयार करना शुरू कर दिया।
कुछ स्कूलों ने तो शिक्षा विभाग की रेड के डर से स्कूल स्टोर में बंद किताबों और ड्रेस के बंडलों को भी छिपा दिए। प्राइवेट स्कूलों ने पूरी जांच से बचने के लिए मीडिया को भी दूर रखा। सुबह 8 बजे सेक्टर-35 गवर्नमेंट स्कूल में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) रूबिंदरजीत सिंह बराड़ और अन्य अधिकारी पहुंचे। डीएसी ने 10 स्कूलों के लिए कमेटियों के सदस्यों के नाम उसी समय तय किए। हर जांच कमेटी में गवर्नमेंट स्कूल प्रिंसिपल के साथ 3 से 4 सदस्य शामिल किए गए थे।
बस्तों से निकली महंगी निजी पब्लिशर्स की किताबें
प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबों को लेकर अभिभावक खासे परेशान हैं। वीरवार अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के बैग चेक करते हुए जांच कमेटियों ने निजी पब्लिशर्स की किताबें भी पकड़ी। लेकिन स्कूल प्रबंधकों के अनुसार यह किताबें बच्चों पर थोपी नहीं गई हैं। कई बच्चे इस बारे में जांच कमेटियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शहर के एक प्राइवेट स्कूल ने तो खास तौर से कुछ अभिभावकों को भी कमेटी के सामने पेश कर पूरे मामले में खुद को सही दिखाने की कोशिश की। जांच कमेटियों ने रेंडम तरीके से स्कूलों में जाकर बच्चों से बातचीत की और उनकी किताबों को चेक किया।
जांच पर उठ रहे कई सवाल
10 प्राइवेट स्कूलों में वीरवार को हुई छापेमारी पर कई सवालिया निशान उठ रहे हैं। जांच कमेटियों को विभाग ने पहले से तैयार सवालों का कोई प्रोफार्मा नहीं दिया, जिसके आधार पर जांच की जानी थी। सभी जांच कमेटियों ने अपने हिसाब से स्कूलों में जांच की है। जांच का कोई एक समान पैटर्न नहीं है। ऐसे में सभी प्रिंसिपल की जांच रिपोर्ट का आधार और तरीका अलग होगा। कई जांच कमेटी की रिपोर्ट पर डीएसई ने सवाल भी खड़े किए, जिसे सदस्यों ने देर शाम तक डीएसई कमरे के बाहर बैठकर ठीक किया।
प्राइवेट स्कूलों को मिल जाएगी क्लीन चिट
सूत्रों के अनुसार डीएसई को सौंपी गई 10 प्राइवेट स्कूलों की जांच रिपोर्ट में कोई नकारात्मक प्वाइंट मिलने की कम ही उम्मीद है। अधिकतर स्कूलों को जांच में क्लीन चिट मिलने के पूरे आसार हैं। अधिकतर स्कूलों को बुधवार देर शाम ही छापेमारी की जानकारी मिल गई थी। स्कूलों ने जांच कमेटियों के स्कूल में आने से पहले ही बच्चों, अभिभावकों को सेट कर लिया था। कुछ स्कूलों ने तो पहले से ही कुछ अभिभावकों से कागज पर स्कूल में सब कुछ ठीक होने का एफिडेविट तैयार करवा रखा था। कुछ स्कूल में गई कमेटी सदस्यों के उस स्कूल के प्रबंधकों के साथ नजदीकी रिश्ते होने का भी आरोप लगाया है।
इन स्कूलों में शिक्षा विभाग की टीमों ने की छापेमारी
-विवेक हाई स्कूल-38
-चितकारा इंटरनेशनल-25
-डीपीएस-40
-सेंट जोसफ स्कूल-44
-किड्स आर किड्स-42
-स्टेपिंग स्टोन-37
-स्टेपिंग स्टोन-38
-सेंट स्टीफंस-45
-चंडीगढ़ बेपिस्ट स्कूल-45
-गुरु हरकिशन स्कूल-38
अगले हफ्ते पेरेंट्स और प्रिंसिपल से सीधी बात
मीडिया में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और यूटी प्रशासन के शिक्षा विभाग द्वारा करीब एक महीने से मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर एडवाइजर परिमल राय भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से नाखुश हैं। सूत्रों के अनुसार एडवाइजर के निर्देशों पर डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने अगले हफ्ते(सोमवार) पहले सभी प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल और फिर अभिभावकों से सीधे सवांद करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई सिर्फ दिखावा है। डायरेक्टर स्कूल सीधे अभिभावकों से बातचीत करें और उन्हें आश्वासन दें कि उनके बच्चों को संबंधित स्कूल किसी तरह प्रताड़ित नहीं करेगा। कई प्राइवेट स्कूलों में पहुंची जांच टीम पहले से ही प्रबंधकों के जानकार हैं।
- नितिन गोयल, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन
प्राइवेट स्कूलों की जांच रिपोर्ट को शुक्रवार जांचा जाएगा। पेरेंट्स और स्कूल प्रिंसिपल के साथ अगले हफ्ते बैठकर बातचीत की जाएगी। पूरे मामले में सभी पक्षों के विचारों को शामिल किया जाएगा।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन
प्राइवेट स्कूलों में वीरवार को गई जांच कमेटियों की रिपोर्ट अभी मेरे पास नहीं आई है। पूरे मामले में डीपीआई ही एक्शन लेंगे।
- सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव यूटी
विभाग ने स्कूलों को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
16 अप्रैल को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के निर्देश पर 73 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी किया गया था। विभाग को 63 स्कूलों के जवाब मिल चुके हैं। डीएसई ने नोटिस का जवाब नहीं देने वाले 10 स्कूलों को 48 घंटे के भीतर अपना पक्ष नहीं रखने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई को चिट्ठी लिखने की चेतावनी दी है। जिला शिक्षा अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। उधर, शिक्षा विभाग नोटिस का जवाब देने वाले 63 प्राइवेट स्कूलों की कंप्लायंस रिपोर्ट अगले बुधवार तक तैयार करने का दावा कर रहा है।
एनसीईआरटी का खुलेंगे शहर में डिपो: प्राइवेट स्कूल प्रबंधन निजी पब्लिशर्स की किताबें लगवाने का कारण एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता नहीं होना बता रहे हैं। शिक्षा विभाग ने शहर में एनसीईआरटी के 2-3 डिपो खोलने की योजना तैयार की है। जरूरत पड़ने पर शिक्षा विभाग अपने स्तर पर भी किताबों का प्रकाशन करवा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि नए सिस्टम से प्राइवेट स्कूल निजी पब्लिशर्स की किताबें लगवाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। उधर, अगले साल से प्राइवेट स्कूलों को सभी कक्षाओं की किताबें सिलेबस में लागू करने से पहले शिक्षा विभाग से मंजूरी लेनी होगी।
सोमवार को प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के साथ मीटिंग: शिक्षा विभाग और प्राइवेट स्कूलों के बीच निजी पब्लिशर्स की किताबें लगवाने और कैंपस में बुकशॉप खोलने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। दोनों तरफ से एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। बुधवार को डीएसई रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने सोमवार को सभी प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के साथ मीटिंग करने का जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
एस्टेट ऑफिस को कार्रवाई के लिए लिखेगा शिक्षा विभाग: प्राइवेट स्कूलों को अब पूरी तरह घेरने के लिए यूटी प्रशासन कानूनी तरीके से कार्रवाई करेगा। जल्द ही एस्टेट ऑफिस (डीसी) को विभाग नोटिस का जवाब नहीं देने वाले स्कूलों की जमीन अलॉटमेंट कैंसिल करने के लिए चिट्ठी लिखेगा।
सीबीएसई के साथ मिलकर कमेटी गठित: प्राइवेट स्कूलों के मामले में शिक्षा विभाग के हाथ बंधे हुए हैं। प्रशासन की कोई ठोस पॉलिसी नहीं होने के कारण प्राइवेट स्कूल कार्रवाई से बच सकते हैं। ऐसे में अधिकारी अब सीबीएसई केेे साथ संयुक्त टीमें बनाकर प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई कर सकते हैं। इस संबंध में सीबीएसई चेयरमैन को चिट्ठी लिखी गई है।
देर शाम तक अधिकारी कार्रवाई की करते रहे तैयारी: प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों के जबर्दस्त रोष के बाद शिक्षा सचिव ने डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। लंबी चर्चा के बाद शिक्षा सचिव ने डीएसई को उन 7 स्कूलों की जांच करने के लिए कहा जिनकी जिला शिक्षा अधिकारी ने सीबीएसई को मान्यता रद्द करने की सिफारिश की है। इस लिस्ट में तीन नए स्कूल जोड़े गए हैं। ऐसे में 10 प्राइवेट स्कूलों के कैंपस में जाकर जांच की जाएगी।
पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य पहुंचे डीएसई दफ्तर: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शहर के अभिभावकों में जबर्दस्त रोष है। बुधवार को चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नितिन गोयल और अन्य अभिभावक डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन से मिले। अभिभावकों ने महंगी किताबें सिलेबस में लगवाने और कैंपस में ही बुकशॉप खोलने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की मांग की। गोयल ने बताया कि उन्होंने डीएसई को पंजाब एजुकेशन कोड का हवाला देते हुए प्राइवेट स्कूलों पर अपने स्तर पर ही कार्रवाई की मांग की है। नितिन के अनुसार अधिकारी उनकी बात से सहमत हुए और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जांच टीम गठित की गई है। 5 टीमें स्कूलों का दौरा करेंगी। स्कूल में बुकशॉप के अलावा बच्चों और कुछ अभिभावकों से भी जांच टीम बात करेगी। मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव चंडीगढ़ ने बताया कि जिन प्राइवेट स्कूलों की शिकायत आई हैं, उनके खिलाफ डीएसई को जांच के लिए कहा गया है। जांच टीमें स्कूलों के खिलाफ शिकायतों की जमीनी स्तर पर जांच करेंगी। पूरे मामले में प्रशासन नियमों के तहत कार्रवाई करेगा।