निजी पब्लिशर्स की किताब: स्कूल प्रबंधकों और प्रशासन की बैठक आज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब एक महीने से शिक्षा विभाग और शहर के निजी स्कूल प्रबंधकों के बीच निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में शामिल करने, कैंपस में बुकशॉप खोलने और महंगी ड्रेस बेचने के मामले में चल रही आपसी लड़ाई को खत्म करने की तैयारी है। शिक्षा सचिव के निर्देश पर सोमवार डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) और सभी प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बुलाई गई है। शहर के करीब 80 प्राइवेट और एडेड स्कूल प्रिंसिपल मीटिंग में हिस्सा लेंगे। बैठक में दोनों पक्षों में हंगामा या बहस होने की उम्मीद है।
जानकारी अनुसार मीटिंग सुबह 11 बजे सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुलाई गई है। बैठक को लेकर दोनों ही तरफ से अभी एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल को बैठक में उपस्थित रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
नोटिस की अनदेखी करने वालों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग के अधिकारी शहर के उन प्राइेवट स्कूलों से खासे नाराज हैं जिन्होंने कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। इन स्कूलों को शोकॉज नोटिस भी भेजा गया, जिसका 48 घंटे में जवाब देना था। इन 10 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग अब सीबीएसई से मान्यता रद्द करने की चिट्ठी भेजेगा। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का मामला सलाहकार प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। नेशनल कमीशन फॉर चाइल्ड राइट्स में भी प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा चुका है।
पहली बार मीडिया के सामने अधिकारी रखेंगे पक्ष
प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग द्वारा पूरी तरह अनदेखी को लेकर मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होती रही। लेकिन यूटी प्रशासन द्वारा इस मामले में अनदेखी की जाती रही। सोमवार को शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों के साथ मीटिंग के बाद मीडिया को पूरे मामले में अभी तक की गई कार्रवाई की जानकारी के लिए बुलाया है। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन मीटिंग के बारे में जानकारी देंगे।
10 स्कूलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई करते हए शुक्रवार को दस नामी प्राइवेट पर छापामारी की थी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जांच टीमों ने स्कूल कैंपस में बुकशॉप, ड्रेस बेचने और कक्षाओं में एनसीईआरटी की जगह निजी पब्लिशर्स की किताबें पढ़ाने की जांच की थी। पूरे मामले में कई स्कूलों में अनियमितताएं पाई गई थीं। लेकिन शिक्षा विभाग ने इस मामले में अभी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किया है। सोमवार को जांच रिपोर्ट शिक्षा सचिव और एडवाइजर तक पहुंच सकती है। मामले में राज्यपाल से भी निर्देश जारी होने से शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच रिपोर्ट को किसी कमेटी से तैयार कराने में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट में एक-दो दिन का समय ओर लग सकता है।
सीबीएसई भी मामले को लेकर सुस्त
प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस मेें शामिल करने के मामले में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने सीबीएसई चेयरमैन को 16 अप्रैल को चिट्ठी लिखी थी। लेकिन इस मामले में सीबीएसई का रुख भी ठंडा है। पंचकूला स्थित स्थानीय सीबीएसई दफ्तर द्वारा भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सयुक्त टीम बनाने का प्रस्ताव भी भेजा है।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के साथ सोमवार को मीटिंग की जाएगी। बैठक में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। मीडिया में लगातार प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों से किताबों और ड्रेस को लेकर मनमानी करने की शिकायतें आ रही हैं। बैठक में मामले को सुलझाने के लिए सकारात्मक तौर पर मंथन किया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों को भी अपनी बात रखने का मौका मिल सकेगा।
एचएस मामिक, चेयरमैन इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन चंडीगढ़ ने बताया कि सोमवार को एजुकेशन डिपार्टमेंट ने मीटिंग बुलाई है। लेकिन बैठक में क्या होगा, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिक्षा विभाग को जो काम (नोटिस भेजने का) सबसे पहले करना चाहिए था वो सबसे बाद में किया। प्राइवेट स्कूल मीटिंग में विभाग की ओर से गलत तरीके से की गई कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखेंगे।
सर्वजीत सिंह शिक्षा सचिव यूटी ने बताया कि किसी भी समस्या का हल आपस में बैठकर निकाला जा सकता है। सोमवार को डीएसई को प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल के साथ मीटिंग करने के लिए कहा गया है। पूरे मामले में यूटी प्रशासन सकारात्मक रुख अपनाना चाहता है। प्राइवेट स्कूल और अभिभावक दोनों की बातों को सुना जाना चाहिए।