प्राइवेट स्कूलों पर लगाम की तैयारी, शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन जल्द
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निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगाने, कैंपस में बुकशॉप और महंगी किताबें बेचकर ट्राइसिटी के हजारों अभिभावकों को लूटने वालों पर यूटी प्रशासन ने आखिर शिकंजा कसने की मुहिम शुरू कर दी है।
2017 सत्र से शहर के सभी 80 प्राइवेट, एडेड स्कूलों के सिलेबस में शामिल की जाने वाली किताबों का फैसला शिक्षा विभाग करेगा। 30 जून 2016 तक शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए स्थायी तौर पर नई पॉलिसी (स्थायी समाधान) लागू कर देगा। जो सभी प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगी। मनमानी करने वाले स्कूलों की सीटें कम करने से लेकर भारी भरकम फाइन लगाने का भी फैसला लिया गया है।
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने शहर के सभी 80 प्राइवेट और एडेड स्कूलों की मीटिंग के बाद यह जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि तुरंत प्रभाव से सभी प्राइवेट स्कूलों में बुकशॉप या अन्य सभी कामर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
अमर उजाला की ओर से लगातार प्राइवेट स्कूलों द्वारा निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस शामिल कर मनमानी से बेचने के मुद्दे को लगातार प्रकाशित कर रहा है। चंडीगढ़ के एडवाइजर परिमल राय और प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी से फटकार लगने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्राइवेट स्कूलों को बातचीत के लिए बुलाया।
सभी प्राइवेट स्कूलों को सिलेबस में शामिल की जाने वाली किताबों की लिस्ट स्कूल वेबसाइट और शिक्षा विभाग को दिसंबर तक देनी होगी। शिक्षा विभाग की अप्रूवल के बाद ही सिलेबर की किताबें फाइनल होंगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग 30 जून तक नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दे रहा है। प्राइवेट स्कूल अब डिक्शनरी, एटलस और अन्य स्टेशनरी के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं कर सकेंगे।
150 शिकायतों की जांच के लिए 5 सदस्यों की कमेटी गठित
डीएसई ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग के पास पहुंची करीब 150 शिकायतों की जांच के लिए 5 सदस्यों की कमेटी गठित कर दी गई है। डिप्टी डायरेक्टर सरोज मित्तल की अगुवाई में कमेटी 3 मई तक सभी शिकायतों पर कार्रवाई करेगा। 5 सदस्यों की कमेटी में शिक्षा विभाग के अधिकारी बीएस जटाना, सुखनीर सेखों, अनीता शर्मा और सुनील बेदी शामिल होंगे। 13 मई तक कमेटी सभी शिकायतों की जांच करेगी और 31 मई तक रिपोर्ट डीएसई को सौंप दी जाएगी। 30 जून तक शिक्षा विभाग निजी पब्लिशर्स की किताबों पर मनमानी के मामले कोई पुख्ता मैकेनिज्म (प्रक्रिया) लागू करेगा।
प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के 11 सदस्यों की कमेटी गठित
शहर के करीब 80 प्राइवेट, एडेड और कॉन्वेंट स्कूलों के साथ बातचीत के लिए सोमवार को 11 स्कूल प्रबंधकों की कमेटी गठित की है। डीएसई हर महीने के पहले सोमवार और मंगलवार को कमेटी के साथ मीटिंग करेंगे। इस कमेटी में एचएस मामिक, गुरप्रीत बख्शी, एबीएस सिद्धू, विनीता अरोड़ा, कविता दास, हरजीत सिंह, जसकिरण हरिका, डॉ. विभा रे, रीमा दीवान, लुईस लोपेज और संजय सरदाना शामिल हैं। कमेटी में 3 सदस्यों को स्पेशल मेंबर के तौर पर शामिल किया है, जिसमें नियति चितकारा, अमिता खुराना, मोनिका शर्मा भी शामिल हैं।
मीटिंग में ये फैसले भी लिए गए
-73 में से जिन 10 स्कूलों ने शोकॉज नोटिस का जवाब नहीं दिया उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई और एस्टेट ऑफिस को चिट्ठी लिखी जाएगी।
-शिकायत करने वाले अभिभावकों को कमेटी के सामने बात रखने का मौका दिया जाएगा।
-अभिभावकों के लिए शिक्षा विभाग हेल्पलाइन नबंर और ईमेल आईडी भी शुरू करेगा।
-प्राइवेट स्कूलों के लिए बनाए जाने वाले नए नियमों का शिक्षा विभाग पब्लिक नोटिस भी जारी करेगा।
-शहर में एनसीईआरटी के बुक डिपो खोले जाएंगे।
-प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर अलग से कमेटी बनाई जाएगी।
-जिन 10 स्कूलों में छापामारी की गई थी, जांच के लिए विभाग वीडियो रिकार्डिंग की डिटेल मांगेगा ।
-शिक्षा विभाग अन्य राज्यों में प्राइवेट स्कूलों के लिए बनाए गए नियमों का विश्लेषण करेगा।
प्राइवेट स्कूलों ने एडवाइजर और राज्यपाल से बातचीत के लिए समय मांगा
एचएस मामिक, चेयरपर्सन इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ सकारात्मक मीटिंग हुई है। पूरे मामले में 11 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। प्राइवेट स्कूलों के साथ अब हर महीने डीएसई मीटिंग कर दोनों तरफ की दिक्कतों को सुनेंगे। पूरे मामले में प्राइवेट स्कूलों ने एडवाइजर और राज्यपाल से बातचीत के लिए समय मांगा है।
जीएस बख्शी, एडमिनिस्ट्रेटर सेंट कबीर स्कूल ने बिताया कि अगले साल से शिक्षा विभाग के साथ बातचीत कर बुक्स को फॉलो कर लेंगे। विभाग ने प्राइवेट स्कूलों की बात सुनने के लिए हर महीने मीटिंग तय कर अच्छा काम किया है। इससे प्राइवेट स्कूलों को भी दिक्कतें शिक्षा विभाग के सामने रखने का मौका मिल सकेगा।
रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि पेरेंट्स की शिकायतों की जांच के लिए पांच सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। उधर, प्राइवेट स्कूलों से 11 सदस्यों को कमेटी मेंबर के तौर पर चुना गया है। 30 जून तक शिक्षा विभाग सभी तरह की जांच पूरी कर अगले साल के लिए कोई पुख्ता मैकेनिज्म तैयार कर नोटिफिकेशन जारी कर देगा। प्राइवेट स्कूल अब कैंपस में किसी तरह की कामर्शियल गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकेंगे।