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यहां के प्राइवेट डॉक्टर बोले, नहीं भरेंगे जुर्माना
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Nov 2013 03:44 PM IST
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इलाज में लापरवाही पर कंज्यूमर फोरम की ओर से डॉक्टरों पर लगाए जाने वाले जुर्माना राशि के खिलाफ प्राइवेट डॉक्टर लामबंद होने लगे हैं।
मेडिकोज लीगल एक्शन ग्रुप ट्रस्ट की ओर से प्रेस क्लब में एक सेमिनार में आवाज उठाई कि सरकार उन्हें कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट की परिधि से बाहर करें। इस बारे में जल्द ही पूरे देश में अभियान चलाएंगे।
इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सरकार से इस बारे में बात करेगी। संस्था के कंवीनर डॉ. नीरज नागपाल ने बताया कि लगातार मुआवजों के फैसले से एक ट्रेंड बन गया है।
इससे कोई भी मरीज कभी भी डॉक्टरों के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में केस कर रहा है। इससे डॉक्टरों का मनोबल गिर रहा है। उन्हें मुआवजे के साथ परेशान भी होना पड़ रहा।
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उन्होंने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक 25 प्रतिशत डाक्टरों के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने पर का केस चल रहा है, जबकि 88 प्रतिशत डॉक्टरों के साथ मरीज के परिजन लड़ाई व झगड़ा करते हैं।
इसमें एडवोकेट आरटीएस तुलसी, मीडिया से दिनेश कुमार, फासवेक के चेयरमैन पीसी सांघी व आईएमए के प्रेसिडेंट डा. आरएस बेदी शामिल हुए। डॉ. नीरज नागपाल ने बताया कि इस मसले में सभी डॉक्टर एकजुट हैं।
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मेडिकोज लीगल एक्शन ग्रुप ट्रस्ट की ओर से प्रेस क्लब में एक सेमिनार में आवाज उठाई कि सरकार उन्हें कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट की परिधि से बाहर करें। इस बारे में जल्द ही पूरे देश में अभियान चलाएंगे।
इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सरकार से इस बारे में बात करेगी। संस्था के कंवीनर डॉ. नीरज नागपाल ने बताया कि लगातार मुआवजों के फैसले से एक ट्रेंड बन गया है।
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इससे कोई भी मरीज कभी भी डॉक्टरों के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में केस कर रहा है। इससे डॉक्टरों का मनोबल गिर रहा है। उन्हें मुआवजे के साथ परेशान भी होना पड़ रहा।
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उन्होंने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक 25 प्रतिशत डाक्टरों के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने पर का केस चल रहा है, जबकि 88 प्रतिशत डॉक्टरों के साथ मरीज के परिजन लड़ाई व झगड़ा करते हैं।
इसमें एडवोकेट आरटीएस तुलसी, मीडिया से दिनेश कुमार, फासवेक के चेयरमैन पीसी सांघी व आईएमए के प्रेसिडेंट डा. आरएस बेदी शामिल हुए। डॉ. नीरज नागपाल ने बताया कि इस मसले में सभी डॉक्टर एकजुट हैं।