चंडीगढ़: स्मार्ट बनाने के चक्कर में निजी कंपनियों ने खोद डाला पूरा शहर, भाजपा-आप और कांग्रेस ने उठाए सवाल पर अधिकारी अनजान
पार्षदों का कहना है कि आए दिन निजी कंपनियां सड़कों, रोड गलियों, डिवाइडरों और फुटपाथ को तोड़कर केबल डालने का काम करती रहती हैं। एक बार काम होने के दौरान लोग थोड़ी परेशानी झेल भी लेते हैं, लेकिन कंपनियां कई बार उसी जगह पर खुदाई करके काम करती हैं।
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चंडीगढ़ को स्मार्ट बनाने के चक्कर में सभी जगह निजी कंपनियां मनमाने तरीके से खुदाई कर रहीं हैं। इसके लेकर निगम के अफसर भी अनजान हैं। नगर निगम सदन की बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने यह मुद्दा उठाया तो भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों का भी गुस्सा फूट पड़ा। पार्षदों ने कहा कि एक ही जगह पर कई बार खुदाई के लिए कौन सा विभाग अनुमति देता है और इसे ठीक करने की जिम्मेदारी किसकी है। आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि सदन में कोई भी सवाल पूछना है तो बैठक से 48 घंटे पहले इसकी सूची उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि अफसर उसके जबाव के साथ आ सकें।
पार्षदों का कहना है कि आए दिन निजी कंपनियां सड़कों, रोड गलियों, डिवाइडरों और फुटपाथ को तोड़कर केबल डालने का काम करती रहती हैं। एक बार काम होने के दौरान लोग थोड़ी परेशानी झेल भी लेते हैं, लेकिन कंपनियां कई बार उसी जगह पर खुदाई करके काम करती हैं और फिर उस जगह को ऐसे ही छोड़ जाती हैं। लोग गड्ढे में गिरते हैं, कीचड़ में फिसलते हैं और कई लोगों की गाड़ियां तक क्षतिग्रस्त होती हैं, लेकिन इससे अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। पार्षदों ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनान अच्छा है, लेकिन इसके एवज में लोगों को परेशानी हो वह सुविधा किस काम की है।
आगामी समय में शहर में बाढ़ की तैयारी
निजी कंपनियां चैंबर में पाइप डाल रहीं हैं। इसकी अनुमति की जानकारी किसी को नहीं है। पाइप डालने से चैंबर में मिट्टी जम रही है। जिससे चैंबर ब्लॉक हो जाएंगे। बारिश के दौरान इसमें से पानी नहीं निकलेगा और सड़कों पर पानी भरेगा। गांव को छोड़कर शहर में 60 प्रतिशत जगह यह पाइप डाले जा रहे हैं। - योगेश ढींगरा, पार्षद, आप
बार-बार खुदाई के लिए अनुमति कौन देता है
सेक्टर-28 में कंपनी ने एक जगह सड़क किनारे खुदाई की थी। उसके बाद वहां ऐसे ही छोड़ दिया। एक बुजुर्ग फिसलकर गिर गए और उन्हें चोट आई। सेक्टर 27 व 28 में एक ही जगह पर इतनी खुदाई की गई है कि लोग अब शिकायत करने लगे हैं। इस संबंध में कंपनियों को अनुमति देने व खुदाई के बारे में अफसरों के पास जबाव भी नहीं है। - हरप्रीत कौर बबला, पार्षद, भाजपा
सेक्टर-11 पूरा खोदकर डाल दिया
सेक्टर-11 में जगह-जगह पेबर ब्लॉक टूटे मिलेंगे और गड्ढे मिलेंगे। यहां कई बार खोद खोदकर केबल डालने का काम हो रहा है। कंपनी वालों से कहो तो कहते हैं इसकी फीस जमा हो गई है, मरम्मत का काम निगम का है। निगम में पूछो तो किसी को इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के नाम पर लोगों को छला जा रहा है। - सचिन गालव, पार्षद, कांग्रेस
अफसरों के पास भी जबाव नहीं
मेरे वार्ड में इतनी जगह खुदाई हो चुकी है और जब निगम में बार-बार खुदाई के बारे में पूछो तो कहते हैं कि एक बार अनुमति दी गई थी। जब खुदाई के काम पूरा हुआ तो समय से उस जगह को निगम ने मरम्मत नहीं किया, दूसरी बार खुदाई के बारे में चेक नहीं किया। फिर कंपनी से किस बात की फीस ली जाती है। - हरदीप सिंह, पार्षद, शिरोमणि अकाली दल
मैंने एसई बीएंडआर और सभी एक्सईएन के साथ बैठक करके निर्देश दे दिए हैं। कहीं भी कंपनी की ओर से कोई लापरवाही मिलती है, उनके खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए कहा गया है। इस संबंध में अचानक कोई सवाल पूछा जाएगा तो बताना मुश्किल होता है। इसलिए ऐसी जगहों को चिह्नित करके संबंधित कंपनी से जानकारी भी ले लेंगे। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम