Chandigarh: प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित बोले-परिवार की याद आती है इसलिए छोड़ा पद, गिनवाई कार्यकाल की उपलब्धियां
निगम विवाद पर पुरोहित ने कहा कि चंडीगढ़ नगर निगम से उनका सीधे तौर पर कोई लेना देना नहीं है। हालांकि फाइनांस कमेटी के गठन के बिना बजट पास नहीं किया जाना चाहिए। यह बचपना है।
विस्तार
चंडीगढ़ प्रशासन ने कुछ दिन पहले आदेश जारी कर वर्ष 2008 की यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को रद्द कर दिया था लेकिन गुरुवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि यह योजना बंद नहीं की गई है। अगर ऐसा है भी तो कर्मचारियों के हित में एफिडेविट बदल दिया जाएगा। कलेक्टर रेट पर सहमति बनी तो 4000 कर्मचारियों को कम कीमत पर फ्लैट मुहैया करवाए जाएंगे। इन्हें किफायती बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर री-डिजाइन भी किया जाएगा। प्रशासक ने कहा कि कर्मचारी हमारी प्राथमिकता में हैं।
यूटी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित इस्तीफा देने के बाद पहली बार यूटी सचिवालय में मीडिया रूबरू हुए। प्रेसवार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफे की वजह केवल पारिवारिक थी, जिसे राष्ट्रपति भवन द्वारा स्वीकार नहीं किया गया इसलिए पंजाब और चंडीगढ़ की सेवा में लगा हूं। कहा कि वह नागपुर में अपने परिवार को बहुत याद करते हैं। पत्नी और परिवार चाहता है कि वह घर पर आराम करें। पिछले दिनों उनकी धर्मपत्नी राजभवन आईं तो 24 घंटे का काम देखते हुए परेशान होकर यहां से चली गईं।
पुरोहित ने कहा कि ‘मैं भारतीय विद्या भवन का अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हूं। संस्थान में हजारों बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज चल रहा है। मैं सभी को बहुत याद करता हूं। अब उम्र भी ज्यादा हो गई है इसलिए इस्तीफा दिया था जो स्वीकार नहीं हुआ।’ प्रशासक ने अपने करीब ढाई साल के कार्यकाल में शहर की उपलब्धियां गिनाईं। यूटी के अधिकारियों की टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उन्हें दूसरे राज्यों में भी बतौर राज्यपाल काम करने का अवसर मिला लेकिन चंडीगढ़ की टीम बेस्ट टीम है। अधिकारी देर रात तक काम करते हैं और उनके खाते में उपलब्धियां भी हैं। अंदरखाते अधिकारियों को डांट भी देता हूं लेकिन बेहतर करने पर पीठ भी ठोकता हूं।
कहा- निगम से सीधा वास्ता नहीं, लेकिन एफएंडसीसी के बिना पास नहीं होता बजट
नगर निगम की बैठक रद्द होने के बावजूद मेयर द्वारा बजट पारित करने के मुद्दे पर प्रशासक पुरोहित ने कहा कि उनका नगर निगम से सीधा लेना-देना नहीं लेकिन उनके पास शिकायत आई तो इस संबंध में निर्देश जारी किए गए। निगम के आयुक्त को इसके लिए बोला गया कि जो भी आवश्यक हो अपने हिसाब से कार्रवाई करें। एफएंडसीसी की बैठक के बिना बजट पारित नहीं होता। इसके बावजूद बैठक आयोजित करना बचपना है।
विधानसभा सत्र में व्यवधान डालना ठीक नहीं
पंजाब विधानसभा सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान व्यवधान को लेकर एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि उनका काफी लंबा राजनीतिक कॅरिअर रहा है। वह समय भी देखा जब सत्र चलाने के लिए पैसे भी नहीं होते थे इसलिए सभी विधायकों और सांसदों को सत्र के समय का सदुपयोग करना चाहिए क्योंकि इसके संचालन पर काफी खर्च आता है। सत्र में इस तरह से व्यवधान डालना किसी भी तरह से ठीक नहीं। पक्ष हो या विपक्ष, सभी को इसका ध्यान रखना चाहिए।
जल्द होगा कूड़े के बड़े प्लांट का टेंडर, 50 साल तक नहीं आएगी दिक्कत
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ स्वच्छता के सर्वेक्षण में 66वें स्थान से 11वें स्थान पर पहुंच चुका है। दो साल के अंदर हम शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होंगे। डड्डूमाजरा में इंटेग्रेटिड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को स्थापित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जल्द इसके टेंडर किए जाएंगे। इसके लगने से शहर में आगामी 50 साल तक कूड़े के निस्तारण में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए नागपुर स्थित नीरी के श्रेष्ठ कंसल्टेंट से सेवाएं ली जा रहीं हैं। पानी के प्रबंधन में चंडीगढ़ देश भर में पहले नंबर पर है।
सर्वाधिक सफाई मित्र सुरक्षित शहर का दर्जा भी यूटी को प्राप्त है। उर्जा बचत में हम पहले, परिवहन में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत, स्कूल शिक्षा में नंबर वन, सीसीटीएनएस में श्रेष्ठ और आपराधिक न्याय प्रणाली में राज्य दूसरे नंबर पर है। शहर को अब देश की सर्वाधिक क्लीन सिटी बनाने का प्रयास किया जाएगा।