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आईएएस बनने के बाद किया ऐसा काम, राष्ट्रपति से मिला मेडल
ब्यूरो/अमर उजाला, चरखी दादरी
Updated Tue, 13 Dec 2016 09:39 AM IST
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आईएएस बनने के बाद नितिन की सफलताओं को दौर जारी
- फोटो : अमर उजाला
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2016 बैच के चयनित आईएएस चरखी दादरी निवासी नितिन सांगवान को राष्ट्रपति के हाथों संघ भावना पुरस्कार मिला है। मसूरी में 377 आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के फाउंडेशन कोर्स के समापन पर आयोजित समारोह में महामहिम राष्ट्रपति ने नितिन सांगवान को यह पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार प्रशिक्षण के दौरान कुशल नेतृत्व क्षमता, समूह में कार्य करने के कौशल एवं सहयोग भावना को देखते हुए पूरे बैच में से एक ही आईएएस को दिया जाता है।
मूलरूप से चरखी दादरी के गांव बादल निवासी नितिन सांगवान ने गत जून माह में आईएएस परीक्षा में 28वीं रैंक प्राप्त की थी। नितिन सांगवान ने आईएएस की परीक्षा तीन बार दी थी जिसमें वह दो बार सफल हुए। इस बैच के चयनित सभी आईएएस व आईपीएस की ट्रेनिंग गत 29 अगस्त से मसूरी में शुरू हुई थी। कुछ रोज पहले ही मसूरी प्रशिक्षण केंद्र में फाउंडेशन कोर्स पूरा हुआ, जिसमें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शिरकत की। इस समारोह में आईएएस नितिन सांगवान को राष्ट्रपति के हाथों संघ भावना पुरस्कार मिला।
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मूलरूप से चरखी दादरी के गांव बादल निवासी नितिन सांगवान ने गत जून माह में आईएएस परीक्षा में 28वीं रैंक प्राप्त की थी। नितिन सांगवान ने आईएएस की परीक्षा तीन बार दी थी जिसमें वह दो बार सफल हुए। इस बैच के चयनित सभी आईएएस व आईपीएस की ट्रेनिंग गत 29 अगस्त से मसूरी में शुरू हुई थी। कुछ रोज पहले ही मसूरी प्रशिक्षण केंद्र में फाउंडेशन कोर्स पूरा हुआ, जिसमें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शिरकत की। इस समारोह में आईएएस नितिन सांगवान को राष्ट्रपति के हाथों संघ भावना पुरस्कार मिला।
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पूरे बैच में गोल्ड मेडल जीतने वाले एकमात्र अधिकारी
राष्ट्रपति ने दिया गोल्ड मेडल व प्रशस्ति पत्र
- फोटो : अमर उजाला
पूरे बैच में गोल्ड मेडल जीतने वाले एकमात्र अधिकारी
पुरस्कार पाने वाले आईएएस नितिन सांगवान को अपनी इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने अपना यह पुरस्कार चरखी दादरी की जनता को समर्पित किया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ें ताकि प्रशासनिक अधिकारी बनकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें। उनका कहना है कि युवाओं के लिए यह रास्ता कोई मुश्किल नहीं है। परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के जरिये इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
गुजरात में बतौर एसडीएम होगी ज्वाइनिंग
नितिन सांगवान गुजरात कैडर पाकर बेहद संतुष्ट है। उनका कहना है कि गुजरात विकसित राज्य है। गुजरात व हरियाणा की संस्कृति एवं विचारधारा मिलती-जुलती है। ऐसे में उन्हें कोई कठिनाई नहीं आने वाली है। दूसरे राज्य में रहते हुए वह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से देश हित में अपना कर्तव्य पूरा कर सकेगा। नितिन का कहना है कि हालांकि, उसे हरियाणा कैडर न मिलने पर थोड़ा दु:ख जरूर है।
नितिन सांगवान ने बताया कि फाउंडेशन कोर्स पूरा होने के बाद उनकी पांच माह की अलग से ट्रेनिंग होनी है। 12 मई को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदभार संभाल लेंगे। आईएएस नितिन सांगवान ने बताया कि पहले उनकी ज्वानिंग एसडीएम के पद पर होगी।
पुरस्कार पाने वाले आईएएस नितिन सांगवान को अपनी इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने अपना यह पुरस्कार चरखी दादरी की जनता को समर्पित किया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ें ताकि प्रशासनिक अधिकारी बनकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें। उनका कहना है कि युवाओं के लिए यह रास्ता कोई मुश्किल नहीं है। परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के जरिये इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
गुजरात में बतौर एसडीएम होगी ज्वाइनिंग
नितिन सांगवान गुजरात कैडर पाकर बेहद संतुष्ट है। उनका कहना है कि गुजरात विकसित राज्य है। गुजरात व हरियाणा की संस्कृति एवं विचारधारा मिलती-जुलती है। ऐसे में उन्हें कोई कठिनाई नहीं आने वाली है। दूसरे राज्य में रहते हुए वह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से देश हित में अपना कर्तव्य पूरा कर सकेगा। नितिन का कहना है कि हालांकि, उसे हरियाणा कैडर न मिलने पर थोड़ा दु:ख जरूर है।
नितिन सांगवान ने बताया कि फाउंडेशन कोर्स पूरा होने के बाद उनकी पांच माह की अलग से ट्रेनिंग होनी है। 12 मई को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदभार संभाल लेंगे। आईएएस नितिन सांगवान ने बताया कि पहले उनकी ज्वानिंग एसडीएम के पद पर होगी।