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हरियाणा: भर्ती फर्जीवाड़े में शामिल 1500 अभ्यर्थियों को अब परीक्षाओं से बाहर करने की तैयारी, जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद फैसला

Wed, 04 May 2022 01:48 AM IST
ajay kumar सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 May 2022 01:48 AM IST
सार

नौकरियों के मुद्दे को लेकर मुखर सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने पैसे देकर परीक्षा पास कराई है, उनके नाम और रोल नंबर सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही ऐसे अभ्यर्थियों पर आजीवन परीक्षा देने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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Preparing to exclude 1500 candidates from exam process who involved in recruitment fraud
हरियाणा लोक सेवा आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) और डेंटल सर्जन भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े की जांच में विजिलेंस को 1500 अभ्यर्थियों की उत्तरकुंजी में गड़बड़ी मिली है। इनके दोबारा परीक्षा देने पर हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) प्रतिबंध लगा सकता है। समिति का गठन कर दिया है। समिति विजिलेंस की फाइनल रिपोर्ट का अध्ययन कर तय करेगी कि कितने अभ्यर्थियों को भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में में बैठने दी जाए। 

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एचसीएस और डेंटल सर्जन भर्ती परीक्षाओं को आयोग ने रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया है। इन भर्तियों के लिए सितंबर 2021 में हुई परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस जांच में 1500 अभ्यर्थियों की उत्तरकुंजी में गड़बड़ी के अलावा यह भी सामने आया कि परीक्षा पास करवाने के लिए 40 से 50 अभ्यर्थियों ने एचपीएससी के तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर से संपर्क साथा था। 
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नागर भी पूछताछ में कुबूल चुका है कि उसने 18 अभ्यर्थी पास कराए थे। इनमें एचसीएस के पांच और डेंटल सर्जन के 13 अभ्यर्थी शामिल है। विजिलेंस को कई अन्य अभ्यर्थियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। विजिलेंस ने ऐसे अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रिपोर्ट आयोग को सौंपी है। इसी आधार पर अब आयोग ऐसे अभ्यर्थियों को लेकर फैसला लेगा। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से सख्त कदम उठाने की हिदायत हैं। 

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डेढ़ लाख से अधिक युवाओं का जुड़ा है भविष्य
दोनों परीक्षाओं से प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक युवाओं का भविष्य जुड़ा है। एचसीएस 156 पदों के लिए 148262 ने आवेदन किया था और 12 सितंबर 2021 को 75402 ने लिखित परीक्षा दी। 24 सितंबर को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आया जिसमें 2041 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए शार्ट लिस्ट किए गए। इसी प्रकार डेंटल सर्जन के 81 पदों के लिए 7891 ने आवेदन किया और 26 सितंबर को 4914 ने लिखित परीक्षा दी। 10 नवंबर को परीक्षा में 220 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए शार्ट लिस्ट किया गया था। परीक्षाएं रद्द करने के बाद अब दोबारा कराई जाएंगी। एचसीएस प्रारंभिक परीक्षा 10 जुलाई और डेंटल सर्जन की परीक्षा 19 जून को घोषित की गई है।

आजीवन लगे प्रतिबंध और नाम हो सार्वजनिक: ढुल
नौकरियों के मुद्दे को लेकर मुखर सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने पैसे देकर परीक्षा पास कराई है, उनके नाम और रोल नंबर सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही ऐसे अभ्यर्थियों पर आजीवन परीक्षा देने पर प्रतिबंध लगाया जाए। फर्जीवाड़े में शामिल अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा ना सोचे। 

परीक्षाओं के फर्जीवाड़े में शामिल अभ्यर्थियों को लेकर एचपीएससी की समिति फैसला करेगी। विजिलेंस की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। - आलोक वर्मा, चेयरमैन, हरियाणा लोक सेवा आयोग

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