'भारत में रहने नहीं देंगे, पाकिस्तान भागने नहीं देंगे'
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कश्मीर हमारे पूर्वज कश्यप ऋषि की भूमि है। कश्मीरी पंडितों को हानि पहुंचाने वालों को भारत में रहने नहीं देंगे और पाकिस्तान भागने नहीं देंगे। कश्मीरी पंडित कहां रहेंगे, य्रह हम तय करेंगे अलगाववादी यासीन मलिक नहीं। यह बात विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने अमर उजाला से खास बातचीत में कही।
कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का उत्तर देने की बजाए डॉ. तोगड़िया ने खुद सवाल उठाते हुए पूछा क्या 1990 में कश्मीरी पंडितों के घर जलाने वाले अलगाववादी यह तय करेंगे कि कश्मीरी पंडित कहां रहेंगे। यह शर्मनाक है कि हिंदुस्तान में कोई हिंदू कहां रहेगा, ये आज अलगाववादी तय करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि अब अगर कश्मीरी पंडितों को कोई हानि पहुंचाई गई तो तो देशभर में जगह-जगह हिंदू उनके लिए खड़े होंगे। कई राज्यों में प्रवेश पर पाबंदी के बारे में उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में मेरे प्रवेश पर एंट्री लग सकती है, लेकिन सोच पर प्रतिबंध लगाना मुमकिन नहीं है, क्योंकि सोच सभी दीवारों को फांदना जानती है।
प्रश्न : पीडीपी को भाजपा समर्थन क्यों दे रही है?
यह भाजपा की अपनी च्वाइस है, लेकिन हिंदू अपनी च्वाइस समय आने पर बता सकते हैं। यकीनन अगर अब कश्मीर में पंडितों के साथ गड़बड़ हुई तो ऐसा करने वालों को पाकिस्तान भागने का भी मौका नहीं मिलेगा।
गौहत्या पर कानून बनवाने में क्या प्रयास चल रहे हैं?
हरियाणा सरकार गौ हत्या को रोकने के लिए एक बेहतर कदम उठाने जा रही है। महाराष्ट्र भी इसके लिए आगे आया है, लेकिन हम चाहते हैं कि भारत सरकार संसद में गौ हत्या रोकने के लिए सख्त कानून लाए, ताकि कानून बनने के बाद एक साथ पूरे देश में प्रतिबंध लग सके। इस कानून पर खट्टर सरकार जो करने जा रही है, ऐसा कानून देशभर में लागू होना चाहिए।
गौ मांस के लिए चल रहा है पेड पीआर
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि गौ मांस के पक्ष में एक खास लॉबी पेड पीआर के माध्यम से ऐसा माहौल तैयार कर रही है, ताकि गौ हत्या पर सख्त कानून बनाने से पहले उन तथ्यों पर गौर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आज भ्रामक प्रचार फैलाया जा रहा है कि देश में 36 हजार करोड़ का कारोबार मांस का है, क्या ये आंकड़े सचमुच सही हैं? क्या ये कारोबार केवल गौमांस का है? उन्होंने कहा कि ऐसे तथ्य पेड पीआर के माध्यम से मार्केट में फैलाए जा रहे हैं।
वे चिंता छोड़ दें कि गायों को कौन खिलाएगा
गौमांस के कारोबार से जुड़े लोग ये तर्क दे रहे हैं कि दूध देना बंद होने के बाद गाय को कौन खिलाएगा? तोगड़िया ने कहा कि गाय हमारी मां है, उसे कौन खिलाएगा ये हमें देखना है? इसकी चिंता उन लोगों को करने की जरूरत नहीं है जो गायों का कत्ल कर रहे हैं।
जीरो बजट फार्मिंग कराएगी विहिप
डॉ. तोगड़िया के मुताबिक विहिप देश में पारंपरिक खेती के साथ अत्याधुनिक खेती को जोड़ कर जीरो बजट फार्मिंग की शुरुआत कराने जा रही है। इसके लिए 25 अप्रैल को अहमदाबाद में कृषि वैज्ञानिकों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई गई है।