उपलब्धि: हिमाचल प्रदेश की क्रिकेट टीम में खेल रहे नयागांव के प्रशांत चोपड़ा, रीना बेटियों के लिए बनीं मिसाल
प्रशांत चोपड़ा घर आने पर इलाके के युवाओं को भी क्रिकेट की बारीकियां सिखाते हैं। वह क्रिकेट से इलाके को पहचान और युवाओं को प्रेरणा दे रहे हैं। वहीं रीना खोखर ने टोक्यो में हुए ओलंपिक में नयागांव का नाम रोशन किया है।
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नयागांव के युवा खिलाड़ी प्रशांत चोपड़ा क्रिकेट से ही पूरे इलाके को नई पहचान दिला रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश की क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं। वह अपने पिता की नयागांव में क्रिकेट अकेडमी में नए खिलाड़ियों से भी अपने अनुभव साझा करते हैं। उनका कहना है कि युवाओं के अंदर ऐसी ताकत है कि जो भी ठान लेते हैं उसे करके ही हटते हैं।
प्रशांत चोपड़ा ने 12 साल की उम्र में क्रिकेट का बैट थामा था और अब तक कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मैच में अपना दमखम दिखा चुके हैं। हाल ही में हिमाचल की तरफ से विजय हजारे चैंपियनशिप भी खेले हैं। इसमें उन्होंने खेलते हुए तमिलनाडु को हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की थी। प्रशांत चोपड़ा को खेलने की प्रेरणा उनके घर से ही मिली है।
उनके पिता शिव चोपड़ा क्रिकेट के कोच हैं। उनकी माता व्यास चोपड़ा भी वॉलीबाल कोच रही हैं। प्रशांत के माता-पिता दोनों ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हुए हैं। माता-पिता से शिक्षा लेकर ही उन्होंने खेल जगत में जाने का फैसला किया है। क्रिकेट के अलावा प्रशांत चोपड़ा को गाना गाने का भी शौक है। कोरोना काल में खाली समय का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने गाने ‘मोहब्बत’ की शूटिंग भी की है।
रीना खोखर बेटियों के लिए बनीं मिसाल
रीना खोखर ने टोक्यो में हुए ओलंपिक में नयागांव का नाम रोशन किया है। ओलंपिक में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी रीना खोखर लड़कियों के लिए शान हैं। बेटी की उपलब्धियों से माता-पिता भी खुद पर गर्व करते हैं।
बता दें कि 2021 में टोक्यो में हुए ओलंपिक में हॉकी टीम की हिस्सा रहीं रीना खोखर नयागांव की बेटी हैं। इन पर इलाके की लड़कियां और युवा नाज करते हैं। उन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में ही इतनी बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल कर इलाके का मान बढ़ाया है।
मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म लेने वाली रीना खोखर अब कई प्रतियोगिताएं खेल चुकी हैं। रीना खोखर ने हॉकी में अपने करियर की शुरुआत चंडीगढ़ महिला हॉकी टीम से की थी। इसके बाद 2017 से लगातार भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य हैं।
रीना खोखर के पिता जगपाल खोखर ने बताया कि एक बार रीना को जिम में व्यायाम करते हुए चोट लग गई थी। उस समय सभी घरवालों ने उसको हॉकी न खेलने की सलाह दी थी। लेकिन, वह दो महीने बाद ही दोबारा से भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा बन गईं। उसने अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, विश्व कप जैसी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है।