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निजीकरण के खिलाफ उतरे बिजलीकर्मी, बिजली कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

Tue, 29 Sep 2020 01:30 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 01:30 AM IST
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Power workers descended privatization protest outside electricity office
चंडीगढ़। यूटी पावरमेन यूनियन के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों ने मनीमाजरा के बिजली कार्यालय के बाहर रोष रैली निकालकर प्रदर्शन किया। बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में निकाली रैली को यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी, गुरमीत सिंह, रणजीत सिंह, अनिल कुमार, टेकराज, तिलक राज, राकेश कुमार, रामवीर सिंह, गगनदीप बजाज सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
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उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार तथा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा संवैधानिक प्रावधानों का उल्लघंन करके सीधे तौर पर विभाग का निजीकरण करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कर्मचारियों और शहर की जनता के लिए ठीक नहीं है। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी की आड़ लेकर 17 अप्रैल 2020 को बिजली (अमेंडमेंट) बिल 2020 का ड्राफ्ट तैयार किया। इसमें केंद्र शासित प्रदेशों का जिक्र भी नहीं था। इसके बाद सरकार ने कोरोना माहमारी के नाम पर 17 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान करते हुए सभी 8 केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली वितरण का निजीकरण करने का एकतरफा गैर-कानूनी मनमाना फैसला भी सुना दिया। इसके लिए कर्मचारियों, उपभोक्ताओं, किसानों सहित किसी भी संबंधित पक्ष से कोई भी राय नहीं ली गई जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण व असंवैधानिक फैसला है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकारी विभाग का सीधा निजीकरण करके जनता व कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया गया तो दशहरा और दिवाली की ड्यूटी का बहिष्कार कनरने के बाद मुकम्मल हड़ताल की घोषणा होगी।
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निजीकरण के बाद 10 रुपये यूनिट से कम नहीं मिलेगी बिजली
वक्ताओं ने कहा कि चंडीगढ़ के बिजली विभाग के निजीकरण से जनता का नुकसान होगा। जनता को कम से कम कीमत पर दो रुपये 75 पैसे प्रति यूनिट मिल रही बिजली का दाम अब 10 रुपये प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। निजीकरण के बाद बीबीएमबी व अन्य सरकारी उत्पादन संस्थानों से निजी मालिक को सस्ती बिजली मिलनी बंद हो जाएगी तथा छह रुपये 73 पैसे की लागत दर पर बिजली मिलेगी तथा उसमें निजी मालिक के 16 प्रतिशत मुनाफा देकर दर तय की जाएगी जो किसी भी हालत में दस रुपये से कम में नहीं पड़ेगी।
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