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गजब!, पीजीआई में ऑपरेशन करने के लिए ऐसा जुगाड़, चौंक जाएंगे
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 May 2016 01:39 AM IST
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पीजीआई में ऑपरेशन थियेटर का हाल
- फोटो : amar ujala
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गजब!, पीजीआई में ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टरों को ऐसा जुगाड़ करना पड़ रहा है जानकर चौंक जाएंगे आप। दरअसल पीजीआई न्यू इमरजेंसी के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की हालत काफी खस्ता है। कभी लाइट बंद हो जाती है तो कभी लाइटों का फोकस ठीक नहीं होता। कभी टेबल को जुगाड़ से फिट करना होता है।
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शिकायत के बावजूद पीजीआई हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका दावा है कि लाइटें पूरी तरह से ठीक हैं, लेकिन अमर उजाला के पास कुछ ऐसी तस्वीरें हैं, जिससे उनके दावों की पोल खुल रही है। तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां पर मौजूद कर्मचारी किस हालात में काम कर रहे होंगे। मरीजों की सर्जरी पर हर वक्त खतरा रहता है। लगातार शिकायतें की जा रही हैं, कोई भी अधिकारी इमरजेंसी में आकर हालात का जायजा नहीं लेते।
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ओटी नंबर 4 और 7 की हालत बदतर
न्यू इमरजेंसी की ओटी नंबर चार व सात की लाइटें खराब हैं। जब नई लाइटें आईं थीं तो वे एक जगह टिकी रहती थीं और उनका फोकस सीधे मरीजों पर पड़ता था, लेकिन एक माह से खराब हैं। वे अब एक जगह नहीं टिकती हैं। इससे ओटी के टेबल पर लेटे मरीजों पर रोशनी नहीं पड़ती। सर्जरी में दिक्कत आती है। एक व्यक्ति को लाइटों को पकड़कर खड़े रहना पड़ता है। कोई सुनवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने उसे जुगाड़ से फिट कर दिया। मरीजों के इस्तेमाल में आने वाली पट्टियों से उसे एक जगह टिका दिया गया है, ताकि लाइटों का फोकस मरीजों पर पड़ता रहे। इसी तरह से ओटी टेबल का भी हाल बुरा है। उसे टिकाने के लिए पट्टियों का सहारा लिया गया है।
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डेढ़ साल में ही खराब हो गईं
ओटी नंबर सात व चार में फिट की गईं लाइटें डेढ़ साल पहले ही फिट की गई थीं। इतने कम समय में खराब होने पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा लगता है कि उनकी क्वालिटी चेक नहीं की गई थी। इसी तरह से ओटी नंबर दो, तीन और पांच में लगी लाइटें साल 2013 में कंडम घोषित की जा चुकी हैं। इसके बावजूद उन्हें बदला नहीं गया है। ऐसा लग रहा है कि पीजीआई किसी हादसे का इंतजार कर रही है।
ढाई माह पहले टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा था ऑपरेशन
ढाई माह पहले ओटी नंबर छह की लाइटें खराब हो गईं थीं। उस दौरान न्यूरो के एक पेशेंट का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है पीजीआई ओटी की हालत कितनी खस्ता है। ऑपरेशन के बाद ओटी को बंद कर दिया गया था। दो दिन बाद लाइटों को ठीक किया गया था।
डॉ. अशोक कुमार, प्रवक्ता पीजीआई ने बताया कि ओटी की लाइटें ठीक हैं। पहले कुछ दिक्कत आई थी, लेकिन अब ठीक हैं।