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घग्गर दरिया कभी लोगों के लिए वरदान था, अब अभिशाप बन गया है, जांच में हुए कई अहम खुलासे
Mon, 01 Jul 2019 12:42 PM IST
खुशबू गोयल
जसवीर सिंह भट्टी, अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
जसवीर सिंह भट्टी, अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 01 Jul 2019 12:42 PM IST
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घग्गर दरिया ट्रीटमेंट प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
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घग्गर दरिया किसी समय साथ लगते गांवों के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। लेकिन मौजूदा समय में वह उन्हीं लोगों के लिए अभिशाप बन चुका है। पंजाब के संगरूर जिले में कस्बा खनौरी से गुजरता घग्गर दरिया मौजूदा समय में दूषित हो चुका है। इस वजह से साथ लगते गांवों के लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
उनके मवेशी भी जानलेवा बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। हालांकि घग्गर के दूषित पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है, लेकिन उसका कोई फायदा लोगों को नहीं हो रहा है। यह खुलासा रविवार को खनौरी में घग्गर दरिया का जायजा लेने पहुंचे स्वस्थ पंजाब मंच के सदस्यों ने किया।
उल्लेखनीय है कि आज से पंद्रह साल पहले घग्गर दरिया के पानी को खनौरी क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए इस्तेमाल करते थे। लेकिन धीरे-धीरे इसमें फैक्ट्रियों की ओर से केमिकल युक्त पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया, जिससे दिन प्रतिदिन घग्गर का पानी दूषित हो गया। अब हालात यह बन गए हैं कि किसानों ने इसे सिंचाई के लिए इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।
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घग्गर दरिया में फैक्ट्रियों का केमिकल घुलने के कारण मौजूदा समय में इसका पानी बिल्कुल काला पड़ गया है। बता दें कि दो साल पहले डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने यहां का दौरा करके लोगों को आगाह किया था कि घग्गर दरिया का पानी दूषित होने की वजह से अब इस्तेमाल करने योग्य नहीं रहा।
डॉक्टरों का कहना था कि इसके इस्तेमाल के कारण ही यहां के लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। घग्गर दरिया के साथ खनौरी, सागरा, मतोली, गुरू नानक पुरा, बनारसी, चांदू, मंडवी, मकोरड़ साहिब जैसे कई गांव लगते हैं, जहां के लोग इस समय कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
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उनके मवेशी भी जानलेवा बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। हालांकि घग्गर के दूषित पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है, लेकिन उसका कोई फायदा लोगों को नहीं हो रहा है। यह खुलासा रविवार को खनौरी में घग्गर दरिया का जायजा लेने पहुंचे स्वस्थ पंजाब मंच के सदस्यों ने किया।
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उल्लेखनीय है कि आज से पंद्रह साल पहले घग्गर दरिया के पानी को खनौरी क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए इस्तेमाल करते थे। लेकिन धीरे-धीरे इसमें फैक्ट्रियों की ओर से केमिकल युक्त पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया, जिससे दिन प्रतिदिन घग्गर का पानी दूषित हो गया। अब हालात यह बन गए हैं कि किसानों ने इसे सिंचाई के लिए इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।
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घग्गर दरिया में फैक्ट्रियों का केमिकल घुलने के कारण मौजूदा समय में इसका पानी बिल्कुल काला पड़ गया है। बता दें कि दो साल पहले डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने यहां का दौरा करके लोगों को आगाह किया था कि घग्गर दरिया का पानी दूषित होने की वजह से अब इस्तेमाल करने योग्य नहीं रहा।
डॉक्टरों का कहना था कि इसके इस्तेमाल के कारण ही यहां के लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। घग्गर दरिया के साथ खनौरी, सागरा, मतोली, गुरू नानक पुरा, बनारसी, चांदू, मंडवी, मकोरड़ साहिब जैसे कई गांव लगते हैं, जहां के लोग इस समय कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
रविवार को राज्य में दूषित हो रहे पानी को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाने वाली समाज सेवी संस्था स्वस्थ पंजाब मंच के सदस्य घग्गर दरिया का जायजा लेने पहुंचे। इनमें डॉ. अमर सिंह आजाद, डॉ. अमरजीत सिंह मान, डॉ. केएस बाली, डॉ. एचएस बाली, डॉ. कुलदीप सिंह शामिल रहे। उन्होंने यहां लगाए गए ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा भी किया।
डॉ. अमरजीत सिंह मान ने कहा कि मौजूदा समय में घग्गर दरिया का पानी पूरी तरह जहरीला हो चुका है। इसके इस्तेमाल से क्षेत्र में लोगों को कैंसर, किडनी कैंसर, ब्लड कैंसर, महिलाओं में बच्चे न पैदा करने जैसी भयानक बीमारियां लग रही है।
डॉ. अमर सिंह आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दूषित पानी को साफ करने के लिए यहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित पानी को साफ करके दोबारा ड्रेन में डाला जाता है, ताकि लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। इस पर प्रत्येक माह करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता है।
किंतु इसका फायदा किसी को नहीं हो रहा है। उनकी संस्था का उद्देश्य है कि पंजाब के दूषित हो रहे पानी को स्वच्छ किया जाए। अब संस्था फैक्ट्रियों द्वारा घग्गर दरिया में डाले जा रहे पानी को रोकने के लिए संघर्ष करेगी। 22 जुलाई को विशाल धरना भी लगाया जाएगा।
डॉ. अमरजीत सिंह मान ने कहा कि मौजूदा समय में घग्गर दरिया का पानी पूरी तरह जहरीला हो चुका है। इसके इस्तेमाल से क्षेत्र में लोगों को कैंसर, किडनी कैंसर, ब्लड कैंसर, महिलाओं में बच्चे न पैदा करने जैसी भयानक बीमारियां लग रही है।
डॉ. अमर सिंह आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दूषित पानी को साफ करने के लिए यहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित पानी को साफ करके दोबारा ड्रेन में डाला जाता है, ताकि लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। इस पर प्रत्येक माह करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता है।
किंतु इसका फायदा किसी को नहीं हो रहा है। उनकी संस्था का उद्देश्य है कि पंजाब के दूषित हो रहे पानी को स्वच्छ किया जाए। अब संस्था फैक्ट्रियों द्वारा घग्गर दरिया में डाले जा रहे पानी को रोकने के लिए संघर्ष करेगी। 22 जुलाई को विशाल धरना भी लगाया जाएगा।