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वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके देश के सबसे ऊंचे तिरंगे पर शुरू हुई सियासत, उठाए गए सवाल

Tue, 07 Mar 2017 09:19 AM IST
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर Updated Tue, 07 Mar 2017 09:19 AM IST
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politics on india's highest national flag on attari border, questions raised on by politicians
अटारी बॉर्डर पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया
वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके देश के सबसे ऊंचे तिरंगे पर सियासत शुरू हो गई है। तिरंगा फहराने में कमीशन के लेनदेन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। तिरंगा फहराने की रस्म में पंजाब के गणमान्य दूर थे। भाजपा के एक गुट ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए आनन-फानन में तिरंगा फहराया। उसके पीछे मकसद कुछ भी रहा हो लेकिन राजनीति खूब होने लगी है।
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पांच मार्च को सरकारी विभाग में छुट्टी के बावजूद इस समारोह में इलाके के मंत्री गुलजार सिंह रणिके, जिले के डीसी बसंत गर्ग, शहर के मेयर बख्शीराम अरोड़ा, भाजपा के जिला प्रधान राजेश हनी समारोह से नदारद थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि तिरंगे पर खर्च होने वाली करीब साढ़े तीन करोड़ की रकम नगर सुधार ट्रस्ट के खाते से दी जानी है। फिर भी समारोह में ट्रस्ट के चेयरमैन सुरेश महाजन भी कहीं नहीं दिखे।
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भाजपा के जिला प्रधान राजेश हनी ने बताया कि उन्हें तिरंगा फहराने के बारे में जानकारी ही नहीं थी। नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन सुरेश महाजन ने बताया कि सारा पैसा विभाग का खर्च हुआ लेकिन मुझे बुलाया ही नहीं गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला का कहना है कि उन्हें तो इस बारे में जानकारी ही नहीं थी। पंजाब भाजपा के पूर्व कमल शर्मा का कहना है कि तिरंगे पर सियासत करने वाले राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर रहे हैं।
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तिरंगे को सैल्यूट है, कमीशन की जांच हो

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सरहद पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ आजाद चुनाव लड़ने वाले मंदीप सिंह मन्ना ने सोमवार को वाट्सएप पर एक वीडियो अपलोड किया है। यह वीडियो उन्होंने तिरंगे के नीचे खड़े होकर बनाया है। उन्होंने तिरंगे को नमन करते हुए आरोप लगाया है कि तिरंगा लगाने के लिए मोटी कमीशन ली गई। अपने चहेतो को मंत्री ने तिरंगे के रखरखाव का ठेका दिलवाया। टेंडर में रकम बढ़ाने के लिए 292 फुट से 360 फुट ऊंचा किया गया।

कुल मिलाकर तिरंगे को 15 अगस्त को फहराने के बजाय पांच मार्च को इस लिए फहरा दिया गया क्योंकि मंत्री अनिल जोशी को पता था कि 11 मार्च के बाद सत्ता उनसे छिनने वाली है। सारे मामले की जांच होनी चाहिए। तिरंगा फहराने के लिए पैसा जनता का लगा है और शुभारंभ मंत्री का परिवार करता है। बेटा बटन दबाता है, पत्नी तालियां बजाती है।

तिरंगे पर सियासत नहीं होनी चाहिए। यह देश के लिए गर्व की बात है। पांच मार्च की तारीख पहले से तय थी। लोग कुछ भी कहें। सच्चाई यही है कि देश का सबसे ऊंचा तिरंगा अटारी बार्डर पर फहराया गया। यह पंजाब के लिए मान की बात है। देश-दुनिया से हजारों लोग रोज रिट्रीट देखने आएंगे तो तिरंगे को नमन करके लौटेंगे।
- अनिल जोशी (निकाय मंत्री, पंजाब)

कहां-कहां फहरा रहा है हमारा ऊंचा तिरंगा

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indian flag
-360 फुट (अटारी बार्डर)
-293 फुट (रांची)
-291 फुट (हैदराबाद)
-269 फुट (रायपुर)
-250 फुट (फरीदाबाद)
-237 फुट (पुणे)
-235 फुट (भोपाल)
-207 फुट (दिल्ली)
-207 फुट (लखनऊ)
-170 फुट (अमृतसर)
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