अरूण जेटली की हार पर शुरू हुई सियासत
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नरेंद्र मोदी की आंधी के साथ केंद्र में भाजपा की ऐतिहासिक सरकार बनने जा रही है। पंजाब में भी पार्टी ने तीन में से दो सीटें जीती हैं। इसके बावजूद प्रदेश भाजपा में खुशी नजर नहीं आ रही।
इतनी बड़ी जीत के बाद भी पार्टी के सारे नेता चुप हैं। वजह है पार्टी के राष्ट्रीय नेता अरुण जेटली की अमृतसर सीट से हार। सारे देश में पार्टी की लहर के बावजूद जेटली हार गए। अब प्रदेश भाजपा में जेटली की हार पर सियासत शुरू हो गई है।
कमल शर्मा पर हार का ठीकरा फोड़ने की तैयारी
फिलहाल भाजपा की प्राथमिकता केंद्र में सरकार बनाना है। सभी नेताओं का ध्यान भी इसी पर लगा है। फिलहाल पार्टी में जेटली की हार के कारणों पर कोई मंथन भी नहीं शुरू हु्आ है।
प्रदेश कैबिनेट में हो सकता है फेरबदल
पार्टी के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली में सब कुछ सैटल होने के बाद शर्मा विरोधी गुट सक्रिय होगा।
उन्होंने बताया कि इस गुट का उद्देश्य रहेगा कि कमल शर्मा पर जेटली की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेने के लिए दबाव बनाया जाए। इसके साथ ही प्रदेश कैबिनेट में फेरबदल की जद्दोजहद भी शुरू हो सकती है।
शर्मा गुट के मंत्री अनिल जोशी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। अब विरोधी गुट की नजरें भाजपा के कोटे के मंत्री पदों पर है। संगठन से लेकर सत्ता तक, सब कुछ हासिल करने को जल्द यह गुट कवायद शुरू होने वाली है।