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घमासान जारी: सीएम ने अब अमरिंदर के बेटे पर साधा निशाना, कहा-रणइंदर बताएं मुख्तार अंसारी से क्या रिश्ता है
Tue, 04 Jul 2023 01:25 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 04 Jul 2023 01:25 PM IST
सार
भगवंत मान ने कहा कि तत्कालीन पंजाब सरकार ने जानबूझकर अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल में रखा था। यूपी सरकार की तरफ से पंजाब सरकार को 25 बार रिमांडर भेजे गए थे। लेकिन हर बार पंजाब सरकार उसे बचाती रही। कभी बीमारी का बहाना लगाया तो कभी कई अन्य तर्क दिए।
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पंजाब के सीएम भगवंत मान
- फोटो : ANI
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विस्तार
यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी के मामले पर पंजाब की राजनीति में घमासान जारी है। मुख्यमंत्री भगंवत मान ने मंगलवार को एक बार फिर से पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा।
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पत्रकारों से बातचीत में सीएम मान ने कहा कि कैप्टन कह रहे हैं कि वह अंसारी को नहीं जानते हैं। तो इस बारे में वह अपने बेटे रणइंदर सिंह से ही पूछ लें कि मुख्तार अंसारी से उनका क्या रिश्ता है। मान ने आरोप लगाया कि रोपड़ में वक्फ बोर्ड की जमीन मुख्तार अंसारी के बेटे और भतीजे के नाम पर है।
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मान ने कहा कि तत्कालीन पंजाब सरकार ने जानबूझकर अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल में रखा था। यूपी सरकार की तरफ से पंजाब सरकार को 25 बार रिमांडर भेजे गए थे। लेकिन हर बार पंजाब सरकार उसे बचाती रही। कभी बीमारी का बहाना लगाया तो कभी कई अन्य तर्क दिए। इसके बाद जब यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट गई तो अंसारी को वापस भेजा गया।
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पत्रकारों से बातचीत में सीएम मान ने कहा कि कैप्टन कह रहे हैं कि वह अंसारी को नहीं जानते हैं। तो इस बारे में वह अपने बेटे रणइंदर सिंह से ही पूछ लें कि मुख्तार अंसारी से उनका क्या रिश्ता है। मान ने आरोप लगाया कि रोपड़ में वक्फ बोर्ड की जमीन मुख्तार अंसारी के बेटे और भतीजे के नाम पर है।
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मान ने कहा कि तत्कालीन पंजाब सरकार ने जानबूझकर अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल में रखा था। यूपी सरकार की तरफ से पंजाब सरकार को 25 बार रिमांडर भेजे गए थे। लेकिन हर बार पंजाब सरकार उसे बचाती रही। कभी बीमारी का बहाना लगाया तो कभी कई अन्य तर्क दिए। इसके बाद जब यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट गई तो अंसारी को वापस भेजा गया।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
सुप्रीम कोर्ट में बाहुबली मुख्तार अंसारी की पैरवी पर खर्च 55 लाख रुपये की वसूली पर रविवार को सीएम भगवंत मान ने बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इस खर्च को तत्कालीन गृह मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा से वसूल किया जाएगा। मान ने कहा था कि अगर वे पैसे का भुगतान नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन और सरकारी भत्ते रोके जाएंगे।
मान के बयान के बाद पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ऐसे बयान, शासन की प्रक्रिया के बारे में मान की अज्ञानता को उजागर करते हैं। कैप्टन ने कहा कि वह साढ़े नौ साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं जबकि मान को अभी डेढ़ साल भी पूरा नहीं हुआ है। उन्हें शासन प्रक्रियाओं के बारे में इस तरह के अज्ञानतापूर्ण बयान देने से पहले सीखना चाहिए और अनुभव हासिल करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में बाहुबली मुख्तार अंसारी की पैरवी पर खर्च 55 लाख रुपये की वसूली पर रविवार को सीएम भगवंत मान ने बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इस खर्च को तत्कालीन गृह मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा से वसूल किया जाएगा। मान ने कहा था कि अगर वे पैसे का भुगतान नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन और सरकारी भत्ते रोके जाएंगे।
मान के बयान के बाद पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ऐसे बयान, शासन की प्रक्रिया के बारे में मान की अज्ञानता को उजागर करते हैं। कैप्टन ने कहा कि वह साढ़े नौ साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं जबकि मान को अभी डेढ़ साल भी पूरा नहीं हुआ है। उन्हें शासन प्रक्रियाओं के बारे में इस तरह के अज्ञानतापूर्ण बयान देने से पहले सीखना चाहिए और अनुभव हासिल करना चाहिए।