सुप्रीम कोर्ट ने कहा-एसवाईएल पर करें तीनों सरकारें बैठक, मंत्री बोले- पानी पर हरियाणा का भी हक
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एसवाईएल के मुद्दे पर एक बार फिर से सियासत गरमा गई है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अब पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार को आपस में बैठक करने को कहा है। कोर्ट के अनुसार तीनों पक्ष एक बार कोर्ट के आदेश को लागू करने को लेकर बैठक करें। इस मामले में 3 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की इसी सलाह के बाद सूबे में नेताओं ने सियासत तेज कर दी है।
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि वे सन 1991 से लगातार विधायक रहे हैं, प्रदेश में कई सरकारें उन्होंने देखी है, मगर वह दावे से कह सकते हैं कि मसले पर जितने गंभीर सीएम मनोहर लाल हैं, उतना गंभीर आज तक प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री नहीं रहा, वरना ये कभी का सुलझ गया होता। पंवार ने कहा कि अब इसमें कोई दोराय नहीं है कि एसवाईएल के पानी पर हरियाणा का भी हक है। लिहाजा हरियाणा को हर हाल में पानी मिलना चाहिए।
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि एसवाईएल को लेकर फैसला हमारे हक में आ चुका है, अब तो बस ये फैसला लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में करीब 40 लाख एकड़ ऐसा है, जहां सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता थोड़ी मुश्किल है। मगर अगर एसवाईएल का पानी मिलता है तो इसमें से 19 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल जाएगा।
उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी अब हरियाणा के हक में है, अब तो पंजाब को एसवाईएल के निर्माण की अनुमति देनी चाहिए। उधर, शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रधान बलविंद्र सिंह बूंदड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए एसवाईएल पर फैसले का अकाली दल स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब दोनों भाई है, दोनों को मिलकर इसका समाधान निकाल लेना चाहिए।