फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Politics intensified after Many Leaders of BJP Joined Congress

Punjab: टीम कैप्टन की कांग्रेस में घरवापसी से बैकफुट पर भाजपा, कई कारणों से पार्टी में असहज हो रहे अमरिंदर

Mon, 16 Oct 2023 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 16 Oct 2023 03:34 PM IST
सार

शिरोमणि अकाली दल के अलग होने के बाद से भाजपा पंजाब में अपनी पैठ बनाने के प्रयास कर रही है। ऐसे में भाजपा की नजर 2024 में उन लोकसभा सीटों पर है, जहां पर वह अकाली दल के साथ गठबंधन में रहते हुए चुनाव नहीं लड़ती थी।

विज्ञापन
Politics intensified after Many Leaders of BJP Joined Congress
कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : एएनआई

विस्तार

कांग्रेस से आए कई नेताओं ने पिछले दिनों पंजाब भाजपा को अलविदा कह दिया। विधानसभा चुनाव में करारी मात के बाद से भाजपा पंजाब में मजबूती से पांव जमाने की कोशिश कर रही थी लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह की टीम ने पार्टी को झटका दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आखिरकार कैप्टन के तमाम खास नेताओं ने अचानक कांग्रेस में वापसी क्यों कर ली?

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह को उम्मीद थी कि भाजपा में उनको कोई बड़ा सरकारी पद दिया जा सकता है। कई बार कैप्टन अमरिंदर सिंह के राज्यपाल बनने की बात भी चली लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। वहीं पंजाब भाजपा की कमान सुनील जाखड़ को मिलने से भी कैप्टन की टीम असहज महसूस कर रही थी। कैप्टन व जाखड़ में तालमेल न के बराबर था। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Punjab: प्लॉट आवंटन घोटाले में फंसे भाजपा नेता मनप्रीत बादल को राहत, हाईकोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
विज्ञापन
विज्ञापन


शिरोमणि अकाली दल के अलग होने के बाद से भाजपा पंजाब में अपनी पैठ बनाने के प्रयास कर रही है। ऐसे में भाजपा की नजर 2024 में उन लोकसभा सीटों पर है, जहां पर वह अकाली दल के साथ गठबंधन में रहते हुए चुनाव नहीं लड़ती थी। अकाली दल के साथ गठबंधन में बीजेपी पंजाब की 13 में से केवल तीन लोकसभा सीटों- अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर में ही चुनाव लड़ती रही है। गठबंधन टूटने के बाद भाजपा पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ी और फिर संगरूर में हुए लोकसभा उपचुनाव में उसने अकेले किस्मत आजमाई लेकिन बुरी तरह हार हुई।


भाजपा को लंबे समय से मजबूत सिख चेहरे की तलाश
भाजपा को लंबे समय से पंजाब में एक मजबूत सिख चेहरे की तलाश है, जो पंजाब में पार्टी को सियासी संजीवनी दे सके और हिंदू समुदाय के बीच भी स्वीकार्य हो। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के दोनों ही फॉर्मूले में पूरी तरह से फिट बैठते हैं। 2017 के 5.39 फीसदी की तुलना में 2022 में भाजपा को 6.60 फीसदी वोट मिले, क्योंकि चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह की नवनियुक्त पार्टी व भाजपा ने मिलकर लड़ा था। इसके बाद पंजाब कांग्रेस को कैप्टन ने बड़ा झटका दिया। पूर्व मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत कांगड़, राजकुमार वेरका, राणा सोढी, केवल सिंह ढिल्लों, सुंदर शाम अरोडा, फतेहजंग सिंह बाजवा, हरदीप सिंह लाडी, सत्कार कौर भाजपा में शामिल हो गए।

जाखड़ के भाजपा प्रधान बनने के बाद समीकरण बदले
सुनील जाखड़ के भाजपा प्रधान बनने के बाद काफी समीकरण बदले। जो जाखड़ कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम कार्यकाल के दौरान उनके दरवाजे पर खड़े रहते थे, वह भाजपा में कैप्टन से दूरी बनाकर चलने लगे। कैप्टन व जाखड़ में तालमेल का अभाव भी साफ दिखाई दे रहा था। वहीं केंद्र सरकार में कोई बड़ा पद न मिलने से भी कैप्टन अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। लिहाजा, टीम कैप्टन के सदस्यों का भाजपा को अलविदा कहने से अब राजनीतिक लोगों की नजर उन नेताओं पर हैं, जो अभी भी भाजपा में है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed