फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Politics Heats up in Punjab on Jagmel Murder Case

जगमेल हत्याकांडः परिवार को 20 लाख मुआवजा, पत्नी को नौकरी देगी सरकार, सियासत भी गर्म

Tue, 19 Nov 2019 12:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/संगरूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/संगरूर Published by: ajay kumar Updated Tue, 19 Nov 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
Politics Heats up in Punjab on Jagmel Murder Case
मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू मृतक जगमेल के परिजनों से बातचीत करते हुए। - फोटो : अमर उजाला

संगरूर के गांव चंगालीवाला में अमानवीय तरीके से की गई जगमेल सिंह की हत्या के मामले में धरने पर बैठे परिजनों की पंजाब सरकार ने सोमवार को सभी मांगें मान ली।

विज्ञापन


राज्य सरकार पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की मुआवजा राशि, जगमेल की पत्नी को ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी, उनके कच्चे मकान को पक्का करने के लिए सवा लाख रुपये देगी। यही नहीं मृतक की आत्मिक शांति के लिए भोग का खर्च, परिवार को छह माह का राशन और बच्चों की बीए तक की पढ़ाई का खर्च भी सरकार ही उठाएगी। 
विज्ञापन


जगमेल के बच्चे नौवीं, छठी और पहली कक्षा में पढ़ते हैं। सरकार ने पूरे मामले की एडीजीपी स्तर के अधिकारी से जांच कराने की आदेश भी जारी कर दिए हैं। चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय में सोमवार को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कैप्टन संदीप संधू की पीड़ित परिवार के साथ बैठक के बाद एक कमेटी का गठन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें परिवार की मांगों को स्वीकार करने की सिफारिश की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में कैप्टन संधू के अलावा पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला भी मौजूद रहे। 

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि जगमेल की हत्या के आरोपियों के खिलाफ सात दिन में चालान पेश किया जाए और अगले तीन महीने में दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं। पूरे मामले में पुलिस की जो लापरवाही सामने आई है, उसकी एडीजीपी स्तर के अधिकारी से जांच करवाई जाए।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि 20 लाख रुपये की मुआवजा राशि में से छह लाख जगमेल के पोस्टमार्टम वाले दिन और बाकी रकम भोग के दिन दी जाएगी। मीटिंग के बाद पीड़ित परिवार ने पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल के पैतृक गांव लहरा स्थित उनकी रिहायश के बाहर लगाया धरना खत्म कर दिया।

एडीजीपी गुरप्रीत दियो को सौंपा जांच का जिम्मा
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि डीजीपी दिनकर गुप्ता ने इस जांच का जिम्मा एडीजीपी गुरप्रीत दियो को सौंपा है। उनकी तरफ से जांच के साथ-साथ सिफारिशों की सूची भी सौंपी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं और मामला दर्ज करने में किसी किस्म की देरी को रोका जा सके। 

आरोपियों का तीन दिन का रिमांड बढ़ा
जगमेल सिंह जग्गा के साथ क्रूरता करने वाले चारों आरोपियों का चार दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद पुलिस ने उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया।

अदालत ने उन्हें तीन दिन के रिमांड पर और भेज दिया है। थाना प्रभारी सतनाम सिंह ने बताया कि जगमेल सिंह जग्गा की मौत के आरोपी बिंदर सिंह, अमरजीत, रिंकू और लक्की को सोमवार को दोबारा अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें तीन दिन के और रिमांड पर भेज दिया गया। पहले रिमांड के दौरान पुलिस ने उनकी शिनाख्त पर जगमेल सिंह को बांधने के लिए इस्तेमाल की रस्सी, रॉड व अन्य सामान बरामद किया है। 

जांच के लिए शिअद ने बनाई कमेटी

जगमेल सिंह हत्याकांड को लेकर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, अकाली दल विधायक दल के नेता व पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, पूर्व कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणिके और विधायक पवन कुमार टीनू शामिल हैं। सोमवार को कमेटी की बैठक सुनाम में अकाली दल के नेता चंद सिंह चट्ठा के निवास पर हुई। 

बैठक के बाद प्रो. चंदूमाजरा ने बताया कि इस मामले के राजनीतिक शह पर होने की चर्चाएं चल रही हैं। उक्त कमेटी इस पहलू की गंभीरता से समीक्षा कर रही है। गांव का दौरा करने के अलावा परिजनों व जमीनी स्तर पर वहां के लोगों से बातचीत की जा रही है। इस इलाके की नुमाइंदगी खुद उन्होंने सांसद व हलका प्रभारी के तौर पर की है।

वर्तमान में यहां से पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर ढींढसा विधायक हैं। लिहाजा यहां के चप्पे से चप्पे से पार्टी वाकिफ है। गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग मुंह नहीं खोल रहे हैं। लेकिन अकाली दल लोगों को हौंसला देकर उनसे असली तथ्य हासिल कर रही है। चंदूमाजरा ने कहा कि इस मामले में पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवजा तुरंत दिया जाए। 

विधायक दल के नेता ढींढसा ने कहा कि इस संवेदनशील मसले को विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा। सरकार से उम्मीद कम है क्योंकि सरकार गंभीर मामलों में बहस करने से भागती आ रही है। इस मौके पर विधायक हरिंदर सिंह चंदूमाजरा, पूर्व सीपीएस प्रकाश चंद गर्ग, पूर्व विधायक बलवीर सिंह घुन्नस, इकबाल सिंह चूंदा, हरविंदर सिंह काकडा, चंद सिंह चट्ठा और बलदेव सिंह भोडे मौजूद रहे। 

सोनिया, राहुल ने क्यों नहीं ली पीड़ित परिवार की सुध: अकाली दल

 शिरोमणि अकाली दल ने कहा है कि संगरूर में बेरहमी से मारे गए एससी युवक के परिवार की सुध सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने क्यों नहीं ली। उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को छुट्टियां रद्द कर पीड़ितों की शिकायतें दूर करने को क्यों नहीं कहा। पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया ने कहा कि चुनाव के दौरान वोट लेने के लिए राहुल को दलितों के घर जाने का बहुत शौक है। पर पंजाब में किसी दलित परिवार पर अत्याचार होता है तो वह आना जरूरी नहीं समझते। 

गांधी परिवार यह बात भूल गया है कि पंजाब में उनकी सरकार है। जिस पर दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लग रहा है। सात नवंबर को हुई घटना की एफआईआर पांच दिन बाद लिखने के कारण इस केस में सरकार की लापरवाही सामने आ चुकी है। 

भगवंत मान ने संसद में उठाया जगमेल का मामला
संगरूर से आप सांसद भगवंत मान ने सोमवार को गांव चंगालीवाला कांड का मुद्दा संसद में उठाते हुए पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से दखल देने की मांग की। सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को भगवंत मान ने विस्तार से उठाते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार की जमकर आलोचना की। 

उन्होंने बताया कि संगरूर लोकसभा हलके के गांव चंगालीवाला में एक दलित नौजवान जगमेल सिंह को बेरहमी से मारा गया। प्लास से उसे नोचकर उसके जख्मों पर तेजाब छिड़का गया और पानी मांगने पर पेशाब पिलाया गया लेकिन दुख की बात यह है कि पंजाब सरकार (मुख्यमंत्री) कैप्टन अमरिन्दर सिंह छुट्टियां मनाने और शिकार खेलने विदेश गए हैं। 

उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में किसी के पास भी फैसला लेना का अधिकार नहीं है और दूसरी तरफ लोग सड़कों पर हैं। पीड़ित परिवार पीजीआई चंडीगढ़ में धरने पर बैठा है। मान ने बताया कि परिवार 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि इस समय किसी के पास परिवार की मांग पर फैसला लेने का अधिकार नहीं है, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय तुरंत दखल देकर पंजाब के अधिकारियों को निर्देश दे और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाए। मान ने यह भी कहा कि वह मुख्य सचिव पंजाब से दो बार फोन पर बात कर चुके हैं, लेकिन वह कुछ कर पाने में बेबस हैं।

पीड़ित परिवार को मिले 50 लाख मुआवजा- भाजपा

जगमेल हत्याकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी पीड़ित परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि ऐसे समय में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह विदेश में छुट्टी मना रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले को हल्के में लिया, जिसके चलते अब तक कुछ नहीं हुआ। 

चुघ ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी पत्र लिखा। जिसमें कहा गया है कि फिलहाल राज्य सरकार 8.25 लाख मुआवजा, पांच हजार प्रतिमाह पेंशन और एक सदस्य को नौकरी से शुरूआत करे। यह बेहद गंभीर मामला है। इसमें 50 लाख मुआवजा दिया जाना चाहिए। चुघ ने एससी आयोग से कहा कि राज्य सरकार को एससी एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दें। उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार के लिए घर बनाने और मृतक के बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करना चाहिए।

कातिलों की जायदाद बेच कर दिया जाए मुआवजा
आम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा ने मांग की है कि कातिलों की जायदाद बेच कर जगमेल सिंह के परिवार को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने इस संबंध में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए कि कोई भविष्य में ऐसा करने के बारे में सोच भी न सके। 

उन्होंने पत्र में लिखा है कि सरकार इस संबंध में कानून बनाए। क्योंकि ऐसा देखने में आता है कि ऐसी घटना के बाद जब धरने लगते हैं तो सरकार के नुमाइंदे पीड़ित परिवार से सौदेबाजी में लग जाते हैं। अगर सरकार ने सख्त कानून न बनाया तो वह विधानसभा में प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे। सरकार को चाहिए कि सख्त कानून बनाए और जगमेल के परिवार को पचास लाख मुआवजा देकर इसकी शुरूआत की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed