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भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक: एक सुर में मंत्री बोले- किसान आंदोलन का चरम हुआ समाप्त, अब सिर्फ राजनीति हावी
Fri, 25 Jun 2021 02:22 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 25 Jun 2021 02:22 AM IST
सार
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि सरकार आंदोलन को तोड़ना चाहती है, इसलिए पहले दिन से किसान आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। भाजपा सरकार की हर कोशिश नाकाम हुई है। आंदोलन मजबूती के साथ खड़ा है। सरकार यह साबित करे कि आंदोलन गलत हाथों में कैसे चला गया।
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हरियाणा में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक।
- फोटो : https://www.facebook.com/dhankar.op
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विस्तार
हरियाणा भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में गुरुवार को पार्टी नेताओं ने एक सुर में किसान आंदोलन पर कटाक्ष किया और इस आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया। भाजपा नेताओं ने बैठक में कहा कि किसान आंदोलन का चरम समाप्त हो चुका है, अब वहां सिर्फ राजनीति हावी है। आंदोलन का एजेंडा पूरी तरह बदल चुका है और यह सिलेक्टिव बनकर रह गया है।
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प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि किसान आंदोलन में एकतरफा लोकतंत्र रह गया है। यह लोग सिर्फ अपनी बात कहते हैं, दूसरों की बात नहीं सुनते। आंदोलन अपनी साख खो रहा है। बंगाली मूल की युवती से दुष्कर्म, पंजाब की महिलाओं से छेड़छाड़, ग्रामीण को जिंदा जलाने जैसी घटनाएं साबित करती हैं कि आंदोलन जिस एजेंडे को लेकर चला था अब उसका स्वरूप बदल चुका है।
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धनखड़ ने कहा कि हरियाणा में बाजरा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है। गन्ने का रेट भी देश में यहां सबसे ज्यादा है। 16 हजार किसानों के खाते में पैसा सीधे गया है। 85 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है। फसल बीमा की राशि सीधे खाते में गई है। पंजाब में ऐसा कुछ भी नहीं है फिर भी वहां कभी भी गन्ने की एमएसपी बढ़वाने के लिए आंदोलन नहीं होता। राजस्थान में कभी बाजरे की खरीद के लिए एमएसपी की मांग पर आंदोलन नहीं होता।
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इस दौरान सरकार की ओर से किसानों के हित के लिए किए गए कार्यों को पार्टी और संगठन के प्लेटफार्म पर पेश किया गया। साथ ही कार्यकर्ताओं को नसीहत दी गई कि पार्टी ने किसानों के लिए जो किया है उससे ज्यादा किसी सरकार ने नहीं किया। पार्टी के नेताओं ने इस आंदोलन के लिए पड़ोसी राज्य पंजाब को भी कटघरे में खड़ा किया।
भाजपा के सभी मंत्रियों ने किसान आंदोलन पर सवाल उठाए। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, वरिष्ठ नेता रामबिलास शर्मा, सांसद कृष्ण पाल गुर्जर, रतन लाल कटारिया, संजय भाटिया और अनिल विज ने एक सुर में आंदोलन पर कटाक्ष किया। वहीं हिसार समेत कई जिलों में भाजपा का विरोध और जिला कार्यालय पर प्रदर्शन के संबंध में धनखड़ ने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई सभी गतिविधियां सुचारू रूप से चलीं।