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समझिए, विधायक के इस्तीफे के पीछे की सियासत

Thu, 15 May 2014 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 15 May 2014 12:55 PM IST
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Politics behind Punjab MLA Arvind Khanna Resignation

हलका धूरी के कांग्रेस विधायक अरविंद खन्ना ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसकी अटकलें लोकसभा चुनाव से पहले की लगाई जा रही थीं। हालांकि चर्चा यह थी कि खन्ना कांग्रेस को छोड़कर अकाली दल में शामिल होंगे।

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लोस चुनाव परिणाम के ऐन दो दिन पहले खन्ना ने इस्तीफा देकर सियासी माहौल को गर्मा दिया है और अब सियासी गलियारों में नई चर्चा छिड़ गई है कि क्या खन्ना अकाली दल में शामिल होंगे?
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बता दें कि खन्ना का पिछोकड़ बेशक अकाली दल से ही जुड़ा हुआ है लेकिन इस समय वह पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रमुख सिपाहासलारों में से एक माने जाते हैं। साल 1998-2000 दौरान दिल्ली के बिजनेसमैन अरविंद खन्ना की अकाली दल के सचिव जनरल सुखदेव सिंह ढींढसा की रहनुमाई में पंजाब की राजनीति में एंट्री हुई थी।
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सियासी हलकों मुतबिक खन्ना शुरू से ही लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। ढींढसा उस समय अपने सियासी शरीक सुरजीत सिंह बरनाला की राजनीतिक काट करने के मंतव तहत ही खन्ना को संगरूर की सियासत में लाए थे। अपनी लाख कोशिशों के बावजूद भी उस समय ढींढसा, सुरजीत सिंह बरनाला की टिकट कटवाने में असफल रहे और इसी कारण खन्ना को अकाली दल की टिकट नहीं मिल सकी थी।

लोकसभा टिकट न मिलने से निराश खन्ना ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। साल 2002 के विधान सभा चुनाव में संगरूर हलके से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए खन्ना ने शानदार जीत हासिल की। लोकसभा चुनाव लड़ने की तमंना दिल में लिए बैठे खन्ना ने 2004 में कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन वे शिअद प्रत्याशी सुखदेव सिंह ढींढसा से हार गए थे।

इसके बाद 2007 में खन्ना को कांग्रेस ने किसी भी हलके से टिकट नहीं दिया। 2012 के विधान सभा चुनाव में खन्ना कांग्रेस के तत्तकालीन अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह के नजदीकियों में शुमार थे और उन्हें धूरी हलके से कांग्रेस ने चुनाव मैदान में उतार दिया। खन्ना ने धूरी हलके से अकाली प्रत्याशी गोबिंद सिंह लोंगोवाल को करारी शिकस्त दी।


संभावना यह है कि विस सदस्यता से इस्तीफा दे चुके खन्ना किसी भी समय अकाली दल में शामिल हो सकते हैं। अकाली दल के सूत्रों मुताबिक इस बार खन्ना की अकाली दल में होने वाली एंट्री सीधी पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में होगी और संभव है कि तलवंडी साबो की जिमनी चुनाव की तरह धूरी हलका भी आगामी दिनों में जिमनी चुनाव का सामना कर सकता है।

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