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आपका चुनावी ज्ञान बढ़ाएगी दलों की ये खबर

Sun, 04 May 2014 01:36 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 04 May 2014 01:36 PM IST
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Political Parties in Haryana

एक करोड़ साठ लाख के वोटरों वाले हरियाणा में हर विधानसभा चुनाव से पहले कई दलों का गठन हो जाता है। यह अलग बात है कि प्रदेश के मतदाता पहली बार नए दल को मौका नहीं देते हैं। पांच-छह साल तक नए दल के कार्यकलाप देखते हैं और उसके बाद ही उसे आजमाते हैं।

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हरियाणा में 2009 के विधानसभा चुनाव में 39 दलों ने चुनाव लड़ा था। इनमें छह राष्ट्रीय दलों कांग्रेस, भाजपा, बसपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीआईएम और चुनाव आयोग से क्षेत्रीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त दो दलों इंडियन नेशनल लोकदल और हजकां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 31 ऐसे दलों ने चुनाव लड़ा था, जो आयोग से पंजीकृत थे।
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इस बार विधानसभा चुनाव में करीब 55 दल अपने उम्मीदवार मैदान में उतार सकते हैं क्योंकि एक मई तक चुनाव आयोग के पास छह राष्ट्रीय दल मान्यता प्राप्त हैं जबकि  हरियाणा के क्षेत्रीय पार्टी के तौर पर हजकां और इनेलो दिल्ली के पते पर रजिस्टर्ड हैं।
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इसके अलावा आयोग में कुल 1643 राज्यों के पते गैरमान्यता प्राप्त पंजीकृत दल हैं जिनमें हरियाणा के पते पर 55 दल पंजीकृत हैं। इनमें गोपाल कांडा की हरियाणा लोक हित पार्टी और राव इंद्रजीत से संबंधित हरियाणा इंसाफ कांग्रेस पार्टी भी शामिल है।

हालांकि राव इंद्रजीत सिंह भाजपा में शामिल होकर गुड़गांव से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, मगर उनकी बेटी के नाम की पार्टी फिलहाल पंजीकृत है। कांग्रेस को अलविदा कहने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा भी विस चुनाव से पहले पार्टी बना सकते हैं। आम आदमी पार्टी ने भी 90 विस सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर रखी है।

दो पार्टियां पूर्व सीएम ने बनाईं, बाद में कांग्रेस में शामिल हो गईं

Political Parties in Haryana

कांग्रेस से अलग होकर तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों राव बीरेंद्र सिंह, चौधरी बंसीलाल और चौधरी भजन लाल ने अपनी पार्टियां बनाईं। बाद में दो पार्टियां कांग्रेस में शामिल हो गईं। राव बीरेंद्र सिंह ने 1967 में हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने विशाल हरियाणा पार्टी बनाई। इस पार्टी के नाते उन्होंने 1968 का विधानसभा चुनाव लड़ा।

उनके 39 उम्मीदवार मैदान में थे, मगर 16 ही जीत पाए। तब कांग्रेस के 48 विधायक बने और राव बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री नहीं बन सके। बाद में 23 सितंबर, 1978 को उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। चौधरी बंसीलाल ने कांग्रेस से अलग होकर 1991 से पहले हरियाणा विकास पार्टी बनाई।

उन्होंने 1991 के लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के चार उम्मीदवार खड़े किए। एक ही सांसद बन पाया। उन्होंने 1996 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा। उन्होंने गठबंधन की सरकार बनाई और मुख्यमंत्री बने। इस गठबंधन ने 1996 और 1998 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। बाद में बंसीलाल ने हरियाणा विकास पार्टी का कांग्रेस में 2004 में विलय कर दिया।

चौधरी भजनलाल ने कांग्रेस से अलग होकर 2 दिसंबर, 2007 को हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) पार्टी बनाई। हजकां ने 2009 में विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ा और 6 विधायक जीते। बाद में भाजपा के साथ गठबंधन में हिसार लोकसभा उपचुनाव जीता। इस गठबंधन ने इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ा और विधानसभा चुनाव भी गठबंधन के तौर पर ही लड़ने का ऐलान कर रखा है।

हरियाणा के पते पर अमान्यता प्राप्त 44 दल हैं रजिस्टर्ड

Political Parties in Haryana

आरक्षण विरोधी पार्टी, अखिल भारतीय आजाद लोकहित कांग्रेस पार्टी, अखिल भारतीय लोकराज पार्टी, आल इंडिया रक्षा पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (अंबेडकर), भारतीय कांग्रेस (एम), भारतीय जय जवान जय किसान पार्टी, भारतीय लोक विकास पार्टी, भारतीय समाज शक्ति पार्टी (आर), भारतीय संत मंत पार्टी, भारतीय सुराज्य मंच, भारतीय जन कल्याण पार्टी, भारतीय सामाजिक न्याय पार्टी, गुड़गांव रेजिडेंट्स पार्टी, हरियाणा गरीब पिछड़ा युवा संगठन पार्टी, हरियाणा इंसाफ कांग्रेस,

हरियाणा जनरक्षक दल, हरियाणा लोक दल, हरियाणा नव निर्माण सेना, हरियाणा सामाजिक न्याय पार्टी, हरियाणा सर्वजन पार्टी, हरियाणा स्वतंत्र पार्टी, हिंदुस्तान क्रांति दल, मातृभक्त पार्टी, नेशनल जनहित कांग्रेस (एबी), नेहरू जनहित कांग्रेस, राष्ट्र शक्ति, राष्ट्रवादी परिवर्तन पार्टी (एलबी), राष्ट्रीय गरीब दल, राष्ट्रीय जनहित पार्टी, राष्ट्रीय जनसेवा-सेकुलर पार्टी,

राष्ट्रीय जनशक्ति पार्टी (एकलव्य), राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी, रार्ष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी, राष्ट्रीय किसान पार्टी, राष्ट्रीय मोर्चा पार्टी, राष्ट्रीय समाज सुधार पार्टी, समस्त भारतीय पार्टी, टोला पार्टी, टोटल विकास पार्टी, विकास परिषद, वालंटरी इंडियन पीपुल पार्टी, हरियाणा जनता पार्टी, हरियाणा लोकहित पार्टी। आम आदमी पार्टी और इंडियन बहुजन संदेश पार्टी (कांशीराम) भी हरियाणा में सक्रिय हैं।

इसके अलावा पूर्व आईजी रणवीर शर्मा ने भी राष्ट्रीय लोक स्वराज नाम से पार्टी बनाने की घोषणा की है, जो आयोग के पास रजिस्टर्ड नहीं हुई है।

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